Bihar Police: बिहार के बांका जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के प्रसिद्ध जमदाहा ठाकुरबाड़ी मंदिर से बांग्लादेशी दंपति और उनके दो बच्चों को बिना वैध वीजा के भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस दंपति ने करीब ढाई महीने पहले एक दलाल को 20 हजार रुपये देकर अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार की थी। Bihar Police अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल दलालों की तलाश में जुट गई है।
मंदिर संचालक की सूचना पर हुई कार्रवाई
यह घटना कटोरिया प्रखंड के जमदाहा ओपी क्षेत्र स्थित श्रीश्री 108 पतित पावन राधा-कृष्ण मंदिर की है। यहां एक दंपति अपने दो बच्चों के साथ सेवा-पूजा करने पहुंचा था। मंदिर के संचालक विजय राय को बातचीत के दौरान पता चला कि यह परिवार बांग्लादेश का रहने वाला है। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दंपति से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान, मिल्टन हल्दर और उनकी पत्नी झुमारानी दास भारत में प्रवेश या निवास से संबंधित कोई भी वैध वीजा, पासपोर्ट या अन्य कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।






20 हजार रुपये में खरीदा भारत में प्रवेश का रास्ता
गिरफ्तार दंपति ने पूछताछ में बताया कि वे बांग्लादेश के बरिशाल जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने करीब ढाई माह पहले एक दलाल को 20 हजार रुपये दिए थे, जिसके बाद उन्हें अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया गया। सीमा पार करने के बाद वे सबसे पहले पश्चिम बंगाल पहुंचे। हालांकि, पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने वहां ज्यादा दिन नहीं बिताए और फिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन चले गए। वृंदावन में कुछ समय तक पूजा-अर्चना और सेवा कार्य करने के बाद वे बांका के जमदाहा ठाकुरबाड़ी पहुंचे थे, जहां उन्हें पुलिस ने धर दबोचा।
बच्चों को बाल सुधार गृह भेजा, दलाल नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने दंपति के साथ मौजूद दोनों नाबालिग बच्चों को भी विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत के निर्देश पर दोनों बच्चों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। तलाशी के दौरान, पुलिस को कमरे से कपड़ों के अलावा एक बिना सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन मिला। महिला के पास बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र की छायाप्रति बरामद हुई, जबकि पुरुष ने अपने मोबाइल में बांग्लादेशी पासपोर्ट की तस्वीर दिखाई। जमदाहा ओपी पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश और निवास करने के आरोप में दंपति के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि सीमा पार कराने वाले दलाल कौन थे और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।








