Bihar Shravani Mela: श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सुल्तानगंज में निरीक्षण के दौरान उन्होंने कांवरियों की सुरक्षा में संभावित लापरवाही पर बिजली विभाग के एक कार्यपालक पदाधिकारी को जमकर फटकार लगाई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय अधिकारियों के साथ सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ मंदिर के पास पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने देखा कि मंदिर के पास लगी एक हाईमास्ट लाइट श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई रेलिंग से बिल्कुल सटकर खड़ी है। यह स्थिति कांवरियों के लिए खतरा पैदा कर सकती थी, जिससे कोई बड़ा हादसा होने की आशंका थी।






खतरनाक हाईमास्ट लाइट पर DM का सख्त रुख
हाईमास्ट लाइट की इस स्थिति को देखते ही जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी को तलब किया और उनकी क्लास ली। हालांकि, यह हाईमास्ट लाइट नगर परिषद द्वारा लगाई गई थी, लेकिन डीएम ने स्पष्ट किया कि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बिजली विभाग की भी जिम्मेदारी है।
डीएम अलंकृता पांडेय ने बिजली अधिकारी से कहा, ‘हाईमास्ट लाइट नगर परिषद से लगाई गई है, लेकिन इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बिजली विभाग की भी जिम्मेदारी है।’
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया कि हाईमास्ट लाइट के निचले हिस्से को जल्द से जल्द कवर किया जाए, ताकि कोई भी श्रद्धालु उसकी चपेट में न आए। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरा कर तुरंत रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया।
लाखों कांवरियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
डीएम ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि सिर्फ इधर-उधर घूमने से काम नहीं चलेगा। विद्युत आपूर्ति और बिजली से जुड़े सभी मामलों की जानकारी विभाग के पास सबसे ज्यादा होती है, इसलिए श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि श्रावण माह में सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा घाट से लाखों कांवरिया जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान करते हैं। प्रशासन इस बार कांवर यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है।








