Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। दरभंगा में मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत जब्त किए गए 10 वाहनों की सफल नीलामी की गई है। इस कार्रवाई से राज्य सरकार को लगभग 2.29 लाख रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है, जो कानून के सख्त अनुपालन और सरकारी खजाने दोनों के लिए एक अच्छी खबर है।
कैसे मिली सरकार को लाखों की आय?
सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध श्री प्रदीप कुमार ने बताया कि 01 जुलाई 2026 को समाहर्त्ता न्यायालय, दरभंगा द्वारा राज्यसात किए गए वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें कुल 10 वाहनों को नीलाम किया गया, जिनमें 08 दो-पहिया वाहन, 01 तीन-पहिया वाहन और 01 पीकअप वाहन शामिल थे। यह नीलामी बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 (यथा संशोधित 2018 एवं 2022) के प्रावधानों के तहत की गई है।






श्री प्रदीप कुमार ने कहा, “नीलामी प्रक्रिया के दौरान कुल 10 राज्यसात वाहनों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई, इनमें 08 दो-पहिया वाहन, 01 तीन-पहिया वाहन तथा 01 पीकअप वाहन शामिल हैं। उक्त नीलामी से लगभग 2.29 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।”
शराबबंदी कानून का सख्त पालन, राजस्व में भी बढ़ोतरी
मद्य निषेध विभाग और पुलिस विभाग द्वारा जब्त किए गए इन वाहनों की नीलामी प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। श्री प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत ऐसे वाहनों की नियमानुसार नीलामी की जाती रहेगी। इस पहल से एक ओर जहां विधि का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो रही है। यह दर्शाता है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के साथ-साथ सरकारी आय के स्रोत भी मजबूत हो रहे हैं।
विभाग ने यह भी बताया कि राज्यसात किए गए शेष वाहनों की अगली नीलामी 13 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे यह संदेश साफ है कि बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह कटिबद्ध हैं और नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।








