Paper Leak Law: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार, 24 जुलाई को ‘पेपर लीक रोकथाम कानून’ (प्रिवेंशन ऑफ़ पेपर लीक एक्ट) में संशोधन को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस संशोधन के बाद पेपर लीक के दोषियों को पहले से कहीं अधिक कठोर सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए कानून में पेपर लीक के मामलों में दोषी पाए जाने वालों के लिए अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, न्यूनतम सजा को भी तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने का प्रस्ताव है। यह बदलाव प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने और लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।






पीएम मोदी की सख्ती: विधेयक लाने में देरी नहीं
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार जल्द ही इस संशोधन विधेयक को संसद में पेश करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक को लाने में किसी भी तरह की देरी न करने के सख्त निर्देश दिए हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।

किरण रिजिजू ने कहा, ‘सरकार कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने के बाद विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक को लाने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।’
कांग्रेस को चेतावनी: जनता के आक्रोश का सामना करना होगा
मंत्री रिजिजू ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इस विधेयक पर चर्चा में बाधा डालने या संसद की कार्यवाही में व्यवधान पैदा करने का प्रयास करती है, तो उसे देश के युवाओं और आम जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। सरकार का दृढ़ विश्वास है कि यह संशोधन प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कानून देश के लाखों युवाओं को एक पारदर्शी और न्यायपूर्ण परीक्षा प्रणाली का भरोसा देगा।









