Bihar Krishi Yantra Anudan: बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने कृषि कार्यों को सुगम बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान देने की घोषणा की है। एसएमएएम योजना 2026-27 के तहत कुल 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू हो चुकी है, जिससे किसान अब आसानी से आधुनिक उपकरण खरीद पाएंगे।
जाले के बीएओ (ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर) प्रेमनाथ सिंह ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को सस्ती दरों पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त, कस्टम हायरिंग सेंटर, किसान ड्रोन और ग्राम स्तर पर कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को भी आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके।
किन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान?
इस योजना में कृषि कार्य के हर चरण से जुड़े यंत्र शामिल किए गए हैं। कुल 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलेगा, जिससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार उपकरण चुनने की स्वतंत्रता होगी।
- खेत की जुताई से संबंधित यंत्र
- बुआई के लिए आवश्यक उपकरण
- निकाई-गुड़ाई में उपयोगी मशीनें
- सिंचाई के आधुनिक साधन
- कटाई और दौनी (थ्रेशिंग) के यंत्र
- उद्यान से संबंधित विभिन्न उपकरण
इन यंत्रों के माध्यम से किसान अपनी खेती की उत्पादकता और दक्षता दोनों बढ़ा सकते हैं, जिससे उनका समय और श्रम बचेगा तथा लागत में भी कमी आएगी।
आवेदन प्रक्रिया और चयन विधि क्या है?
इच्छुक किसान बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट farmech.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद, लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। बीएओ प्रेमनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि लॉटरी की तारीख पर चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा।
बीएओ जाले प्रेमनाथ सिंह ने बताया, ‘एसएमएएम योजना 2026-27 के तहत 86 कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 सितंबर से शुरू हो गए हैं। किसानों का चयन ऑनलाइन लॉटरी से होगा।’
जारी किए गए स्वीकृति पत्र की वैधता 15 दिनों की होगी। यदि इस अवधि में किसान यंत्र की खरीद नहीं करते हैं, तो उनका परमिट स्वतः समाप्त हो जाएगा। किसानों को पहले कृषि यंत्र की पूरी कीमत का भुगतान कर खरीदारी करनी होगी। इसके बाद, अनुदान की राशि सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कृषि यंत्रों की खरीद केवल सूचीबद्ध विक्रेताओं से ही की जाए।
योजना का किसानों पर क्या होगा असर?
यह योजना बिहार के किसानों के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। आधुनिक कृषि यंत्रों तक आसान पहुंच से खेती की लागत कम होगी, श्रम की बचत होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, कस्टम हायरिंग सेंटर और कृषि यंत्र बैंक जैसी सुविधाएं छोटे किसानों को भी महंगे यंत्रों का उपयोग करने का अवसर देंगी, जिससे राज्य में कृषि क्षेत्र का समग्र विकास होगा।







