Bihar Child Safety: बिहार के बिरौल स्थित श्री कृष्णा आइडियल पब्लिक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, पॉक्सो अधिनियम और तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करना था।
बच्चों को दिए गए सुरक्षा के महत्वपूर्ण सूत्र
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिरौल अनुमंडलीय न्यायालय के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार मिश्रा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की जानकारी होना अनिवार्य है। उन्होंने ‘गुड टच-बैड टच’ की अवधारणा, यौन शोषण से बचाव के तरीके और किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने की महत्ता पर जोर दिया। श्री मिश्रा ने साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के खतरों के प्रति भी विद्यार्थियों को सचेत किया।
बिरौल अनुमंडलीय न्यायालय के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार मिश्रा ने कहा, “बच्चों को गुड टच-बैड टच, बाल अधिकार, यौन शोषण से बचाव तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है।”
विद्यालय के संयोजक श्री राम रतन झा ने बच्चों से अपील की कि किसी भी असहज या अप्रिय स्थिति में वे चुप न रहें, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। इसके अतिरिक्त, पीएलवी श्री उत्तम चौपाल ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 की उपयोगिता और आवश्यकता के बारे में बताया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तत्काल मदद प्राप्त कर सकें।
जागरूकता कार्यक्रमों से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों, नृत्य, शपथ ग्रहण और प्रेरक नारों के माध्यम से बाल सुरक्षा का सशक्त संदेश दिया। इन गतिविधियों ने बच्चों में सुरक्षा के प्रति सजगता और अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय के प्राचार्य श्री अचिंत्य घोष ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि विद्यालय और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण ही बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य श्री गणेश चौधरी, श्री नवलेश चौधरी, श्री ब्रजेश चौधरी और श्री पुरुषोत्तम चौधरी भी मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने इस पहल की सराहना की और बच्चों को यह आश्वासन दिया कि विद्यालय उनके लिए सदैव सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे सफल बनाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लिया।








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