Darbhanga Court: दरभंगा जिले में गंभीर अपराधों के आरोपियों को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत समेत अन्य न्यायाधीशों ने लूट, अपहरण, जानलेवा हमला और हत्या जैसे संगीन मामलों में फंसे 10 आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कड़ा संदेश गया है और न्यायपालिका का सख्त रुख सामने आया है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने सदर थानाकांड संख्या 290/26 के दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की। इन पर दरभंगा बाजार समिति से खेसारी और मसूर बेचकर लौट रहे पिकअप चालक और एक मजदूर पर धरमपुर मुक्तिधाम के पास हमला कर लूटपाट करने का आरोप है। राजेश कुमार और रवि उर्फ रवि कुमार अब भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
इसी अदालत ने सोनकी थानाकांड संख्या 109/26 में एक महिला पर जानलेवा हमला करने के आरोपी अजीत लालदेव, रंजन कुमार और उषा देवी की अग्रिम जमानत याचिका भी ठुकरा दी। ये तीनों आरोपी टिकापट्टी गांव के निवासी हैं।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की कोर्ट ने भी दो महत्वपूर्ण मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज कीं। विशनपुर थानाकांड संख्या 72/26 में गलत नियत से एक नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी जीतेंद्र कुमार उर्फ जीतेंद्र दास की जमानत अर्जी खारिज हुई। जीतेंद्र कुमार 31 अगस्त 2026 से न्यायिक हिरासत में है। इसी अदालत ने बहेड़ी थानाकांड संख्या 121/25 में नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी सोनू मंडल की अग्रिम जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी।
जानलेवा हमला और गबन के आरोपियों को भी नहीं मिली राहत
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने भी गंभीर आरोपों में घिरे चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कीं। बहेड़ी थानाकांड संख्या 371/26 में जानलेवा हमला के आरोपी गणेश यादव, कमलेश्वरी देवी और सुमित्रा देवी को जमानत नहीं मिली। इसके अलावा, सुपौल थानाकांड संख्या 167/15 में वैद्य इकरारनामे के बावजूद जनधन के दुरुपयोग और गबन के आरोपी संजय भौमिक की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई।
शराब पिलाकर जमीन हड़पने और हत्या के आरोप में भी जमानत नामंजूर
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह की कोर्ट ने शराब पिलाकर जमीन लिखवाने और उसके बाद हत्या कर देने के संगीन आरोप में दर्ज बहेड़ी थानाकांड संख्या 116/26 की आरोपी पिंकी देवी की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। पिंकी देवी शिवराम गांव की रहने वाली हैं।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘अब उपरोक्त सभी आरोपियों को जमानत पाने के लिए पटना उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी।’
अदालतों के इन कड़े फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह से सामना करना होगा। यह न्यायिक प्रक्रिया में आम जनता के विश्वास को मजबूत करेगा।







