Darbhanga Court News: नाबालिग के अपहरण और जानलेवा हमले जैसे गंभीर मामलों में आरोपी बनाए गए पांच लोगों को दरभंगा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशों की अलग-अलग अदालतों ने इन सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब उन्हें या तो पटना हाईकोर्ट जाना होगा या फिर संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण करना पड़ेगा।
नाबालिग अपहरण के आरोपी की जमानत खारिज
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने एक नाबालिग बच्ची के अपहरण के आरोप में दर्ज केवटी थानाकांड संख्या 152/26 के आरोपी दिपक सहनी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में मजबूत दलीलें पेश कीं।






पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ एक साढ़े पंद्रह वर्षीय बच्ची के अपहरण का गंभीर आरोप है, जिसके कारण अदालत ने जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है।
जानलेवा हमले के चार आरोपियों को भी नहीं मिली राहत
इसी क्रम में, अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) संतोष पाण्डेय की अदालत ने भी दो अलग-अलग मामलों में प्राणलेवा हमला के चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं रद्द कर दी हैं। इन मामलों में कोर्ट का रुख सख्त रहा।
- केवटी थानाकांड संख्या 174/26 के आरोपी रामबाबू सहनी और रामभरोस सहनी।
- केवटी थानाकांड संख्या 175/26 के आरोपी किशोरी सहनी और रोहित सहनी।
इन सभी आरोपियों पर प्राणलेवा हमला का आरोप है, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया।
अब पटना हाईकोर्ट या आत्मसमर्पण ही विकल्प
सरकारी वकील (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने कोर्ट के फैसले के बाद बताया कि अब उपरोक्त सभी अभियुक्तों के पास जमानत पाने के लिए दो ही रास्ते बचे हैं। उन्हें या तो पटना हाईकोर्ट में अपील दायर करनी होगी, या फिर संबंधित निचली अदालत में आत्मसमर्पण करना पड़ेगा। अदालत के इस फैसले से गंभीर अपराधों के आरोपियों को आसानी से राहत नहीं मिलने का संदेश गया है।








