Bihar Liquor Prohibition: बिहार से शराबबंदी नहीं हटेगा, होगा और बड़ा एक्शन! अब हर 2 महीने में बदलेंगे चेकपोस्ट प्रभारी, 24 घंटे होगी CCTV निगरानी और डिजिटल लॉक! शराबबंदी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए बिहार में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी मद्यनिषेध चेकपोस्ट पर तैनात प्रभारियों का हर दो महीने में तबादला किया जाएगा। इसके साथ ही, सभी चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल एवं कमांड सेंटर से जोड़कर 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। यह कदम शराब तस्करी पर नकेल कसने और विभागीय जवाबदेही बढ़ाने के मकसद से उठाया गया है।
विभागीय सचिव नवीन कुमार ने कुम्हरार स्थित मुख्य उत्पाद रसायन परीक्षक कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान इन महत्वपूर्ण निर्देशों की घोषणा की। उन्होंने इस दौरान चेकपोस्ट व्यवस्था, रासायनिक जांच प्रक्रिया और शराब तस्करी रोकने के उपायों की विस्तार से समीक्षा की।






चेकपोस्ट पर जवाबदेही बढ़ेगी, हर दो महीने में होगा तबादला
सचिव नवीन कुमार ने स्पष्ट किया है कि चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है। उनका मानना है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनाती से कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है, इसलिए हर दो महीने में प्रभारी बदलने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इस फैसले से बिहार शराबबंदी के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और सतर्कता आएगी।
सचिव नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर उनका स्थानांतरण किया जाएगा। उनका मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है, इसलिए हर दो महीने में प्रभारी बदलने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
सभी चेकपोस्ट प्रभारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। गुजरने वाले प्रत्येक संदिग्ध वाहन की विभागीय उपकरणों की मदद से अनिवार्य जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
24 घंटे CCTV निगरानी और डिजिटल लॉक को बढ़ावा
शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मद्यनिषेध विभाग अब तकनीक का अधिक उपयोग करेगा। सभी चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को कंट्रोल एवं कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिससे राज्यभर के चेकपोस्ट की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी। विभाग का मानना है कि इस रियल टाइम मॉनिटरिंग से न केवल चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली पारदर्शी होगी, बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई भी संभव हो पाएगी।
बैठक में बिहार में प्रवेश करने वाले अल्कोहल से जुड़े वाहनों में लगाए जाने वाले डिजिटल लॉक के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने निर्देश दिए कि इसकी जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी संबंधित स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाए जाएं। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अल्कोहल के वैध परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अवैध गतिविधि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
एजेंसियों को चेतावनी और 48 घंटे में जांच रिपोर्ट का निर्देश
निरीक्षण के दौरान सचिव नवीन कुमार ने विभाग के अधीन कार्यरत दो एजेंसियों के कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने को कहा गया है।
मुख्य उत्पाद रसायन परीक्षक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सचिव ने इथेनॉल में मिलाए जाने वाले विकारक (Denaturant) से संबंधित प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जब्त किए गए नमूनों की रासायनिक जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि जांच और कानूनी कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो। इस दौरान संयुक्त आयुक्त मद्यनिषेध कृष्ण कुमार और संयुक्त सचिव एवं उपायुक्त मद्यनिषेध संजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभाग का मानना है कि इन नई निगरानी व्यवस्थाओं, नियमित तबादलों और तकनीकी उपायों से शराब तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगेगा और बिहार में शराबबंदी कानून का पालन और मजबूत होगा।








