Bihar Prohibition: दरभंगा में बिहार के मद्यनिषेध कानून का उल्लंघन करने वाले सरकारी प्रधान लिपिक पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। हायाघाट प्रखंड कार्यालय में तैनात प्रधान लिपिक लखिन्द्र पासवान को शराब के सेवन के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मद्यनिषेध कानून के सख्त पालन और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी कौशल कुमार को उनके ई-मेल पर एक शिकायत मिली थी, जिसमें प्रधान लिपिक लखिन्द्र पासवान पर शराब पीने का आरोप था। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध, दरभंगा के प्रतिवेदन के आधार पर मामले की गहन जांच कराई गई।
शराब पीते पकड़े गए प्रधान लिपिक, हुई ब्रेथ एनालाइजर जांच
जांच के दौरान, 30 सितंबर 2026 को हायाघाट थाना क्षेत्र में स्थित हायाघाट प्रखंड के सरकारी क्वार्टर में श्री लखिन्द्र पासवान की ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई। इस जांच में उनके शराब सेवन की पुष्टि हो गई। इसके बाद, मद्यनिषेध थाना, सदर, दरभंगा में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार करके माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बिहार में पूर्ण मद्यनिषेध लागू है। बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 के तहत शराब का उत्पादन, भंडारण, परिवहन, बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
निलंबन के बाद बेनीपुर में देनी होगी उपस्थिति
निलंबन अवधि के दौरान प्रधान लिपिक लखिन्द्र पासवान का मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय, बेनीपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें प्रत्येक कार्यदिवस पर वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी देय होगा।
दो दिनों में आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी, हायाघाट दो दिनों के भीतर आरोप पत्र गठित कर उपलब्ध कराएं। इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि दरभंगा प्रशासन शराबबंदी कानून को लेकर किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं करेगा, खासकर जब मामला सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा हो। यह फैसला राज्य में मद्यनिषेध अभियान को और मजबूती देगा।








