Bihar Student Protest: पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर लंबित भर्ती परीक्षाओं और अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन में अब अंदरूनी मतभेद सामने आ गए हैं। शनिवार को इस आंदोलन के बीच रौशन आनंद, विपिन सर के साथ अनशन पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों और छात्र नेताओं से एकजुट होने की अपील की, लेकिन छात्र नेता दिलीप ने एक मंच पर आने से इनकार कर दिया। इसके बाद रौशन आनंद ने एक बड़ा दावा करते हुए चेतावनी दी कि अगर छात्र नेता एक नहीं हुए तो वह खुद आंदोलन का नेतृत्व करेंगे और आयोग का ‘काला चिट्ठा’ सार्वजनिक करेंगे।
छात्र नेता दिलीप से अपील और इनकार: क्या है वजह?
रौशन आनंद ने गर्दनीबाग पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से कहा कि सभी को एक मंच पर आना चाहिए और दो गुटों में नहीं बंटना चाहिए। उनका तर्क था कि यदि छात्र और छात्र नेता एक साथ आवाज उठाएंगे, तभी उनकी मांग मजबूती से सरकार तक पहुंचेगी। उन्होंने छात्र नेता दिलीप से भी बातचीत की और उन्हें एक मंच पर आने के लिए ‘हाथ जोड़ने और पैर पकड़ने’ तक की बात कही। हालांकि, दिलीप ने रौशन आनंद के साथ मंच साझा करने से इनकार कर दिया। इस इनकार के बाद आंदोलन के भीतर अलग-अलग मंचों को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है।
दिलीप के नेतृत्व में चल रहा छात्र आंदोलन मुख्य रूप से BPSC TRE-4 के नोटिफिकेशन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर है। आंदोलनकारियों ने एकल परीक्षा प्रणाली, नकारात्मक अंकन समाप्त करने तथा BSSC और दरोगा भर्ती में पारदर्शिता समेत कई मांगें उठायी हैं। हालांकि, दिलीप ने रौशन आनंद के साथ एक मंच पर आने से इनकार क्यों किया, इसकी स्पष्ट वजह का कोई आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।
‘आयोग का पूरा काला चिट्ठा है मेरे पास’, रौशन आनंद का बड़ा दावा
रौशन आनंद ने धरना स्थल पर हाथ में एक फाइल दिखाते हुए दावा किया कि इसमें आयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी यानी ‘काला चिट्ठा’ है। उन्होंने कहा कि वह इस फाइल को शनिवार को सार्वजनिक करने वाले थे, लेकिन अब ऐसा नहीं करेंगे। आनंद ने साफ शब्दों में कहा,
“जब तक सभी छात्र और छात्र नेता एक मंच पर नहीं आते, तब तक वह फाइल सार्वजनिक नहीं करेंगे और दोबारा गर्दनीबाग नहीं आएंगे।”
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अगर छात्र नेता एकजुट नहीं हुए तो वह खुद छात्रों का नेतृत्व करेंगे और उनके मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।
BPSC-BSSC घेराव की तैयारी, आंदोलन की अगली दिशा
रौशन आनंद ने अपनी बात रखते हुए BPSC और BSSC के घेराव की भी बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि छात्रों की मांगों को लेकर आगे आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। गर्दनीबाग में छात्र आंदोलन 18 अगस्त से लगातार तेज हुआ है, जब छात्रों ने ‘न्याय सत्याग्रह’ के तहत TRE-4 का नोटिफिकेशन जल्द जारी करने समेत कई मांगें उठायी थीं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने सरकार को समयसीमा देकर मांगें पूरी करने की चेतावनी दी थी। इस आंदोलन के दौरान TRE-4 के अलावा BSSC, दरोगा भर्ती, परीक्षा में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक की जांच जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाये गये हैं। दिलीप कुमार ने एकल परीक्षा और नकारात्मक अंकन खत्म करने की मांग भी रखी है।
इस आंदोलन के दौरान छात्र नेता दिलीप ने राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी का रुख भी जाहिर किया था, 18 अगस्त को उन्होंने कहा था कि धरना स्थल पर बैठे छात्र किसी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं और वे अपने मुद्दों को लेकर अलग रहेंगे। अब रौशन आनंद के हस्तक्षेप और छात्रों को एक मंच पर आने की अपील के बाद आंदोलन के भीतर नेतृत्व और एकजुटता का मुद्दा सामने आ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि छात्र नेता अलग-अलग मंचों से आंदोलन जारी रखते हैं या छात्रों की मांगों को लेकर एक साझा मंच तैयार होता है।







