Darbhanga News: 20 अक्टूबर से रहस्यमय ढंग से लापता चल रहे सीएससी एजेंट गोलू कुमार यादव को आखिरकार दरभंगा जिला के अलीनगर से बरामद कर लिया गया है। परिजनों ने उसे केवटी पुलिस के हवाले कर दिया है, जिससे इलाके में राहत की सांस ली गई है। अब पुलिस गोलू से गहन पूछताछ कर उसके लापता होने के पीछे के पूरे रहस्य को सुलझाने की कोशिश करेगी।
बिरखौली गांव निवासी पवन कुमार यादव के पुत्र गोलू कुमार यादव की तलाश बीते कई दिनों से चल रही थी। उनकी गुमशुदगी को लेकर केवटी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
कैसे मिला लापता गोलू कुमार यादव?
गोलू कुमार यादव को अलीनगर में कार्यरत बिरखौली गांव के एक शिक्षक ने सड़क पर जाते हुए देखा। शिक्षक ने तुरंत विद्यालय के छात्रों की मदद से उसे पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने गोलू के परिजनों को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही परिजन अलीनगर पहुंचे और गोलू को अपने साथ लेकर केवटी थाने गए, जहां उसे पुलिस को सौंप दिया गया।
गोलू कुमार यादव के मिलने से परिवार और गांव वालों में खुशी है, लेकिन उसके रहस्यमय ढंग से गायब होने की वजह जानना अभी बाकी है। पुलिस की पूछताछ से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
गायब होने की पूरी कहानी और पुलिस जांच
गोलू कुमार यादव 20 अक्टूबर की शाम से लापता थे। वह बलहा गांव के एक बैंक ग्राहक सेवा केंद्र में सीएससी एजेंट के रूप में काम करते थे। उस शाम काउंटर बंद कर अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी यह घटना घटी। 22 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे लैला चौर-बरही मुख्य सड़क पर पुल के पास से वह अचानक गायब हो गए थे। परिजनों और पुलिस की खोजबीन के दौरान घटनास्थल से उनकी स्कूटी और एक खाली पर्स बरामद हुआ था।
लापता होने के कुछ दिनों बाद, बीते गुरुवार को रानी पुर गांव के पास बिरखौली गांव के एक बाइक सवार ने गोलू को देखा था। बाइक सवार ने उसे रोकने और पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गोलू वहां से भाग निकला था। अब केवटी पुलिस की पूछताछ ही इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर सच्चाई सामने लाएगी।







