Bihar Education News: बिहार में उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी कैंपस निर्माण और हजारों स्कूल भवनों तथा अतिरिक्त
कक्षाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। यह फैसला 22 अक्टूबर 2026 को पटना के लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में हुई उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। इस पहल से राज्य के उन प्रखंडों में भी उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी, जहां पहले कोई डिग्री कॉलेज नहीं था।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 अक्टूबर 2026 को लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इसमें 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी परिसरों के निर्माण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही, इस वित्तीय वर्ष में 2,996 विद्यालयों के नए भवनों तथा उनमें 16,440 कक्षाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज का सपना साकार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की। ये कॉलेज उन प्रखंडों में स्थापित किए गए हैं, जहां पहले डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं थी, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती थी। इन संस्थानों के लिए स्थायी कैंपस तैयार करना उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। बिहार सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ के उद्देश्य से इन कॉलेजों की स्थापना की गई है, ताकि उच्च शिक्षा के अवसर राज्य के अधिक क्षेत्रों तक पहुंच सकें। स्थायी कैंपस के निर्माण से इन कॉलेजों को अपना भवन और बेहतर शैक्षणिक परिसर मिलेगा, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाएगी।
हजारों स्कूल भवनों और कक्षाओं का निर्माण
उच्च शिक्षा के साथ-साथ, मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। इस वित्तीय वर्ष में 2,996 विद्यालयों के नए भवनों का निर्माण कराया जाना है, जबकि 16,440 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण कार्य को भी गति देने का निर्देश दिया गया है। बैठक में भवनों के मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन की समीक्षा की गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इन नए भवनों और अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण से स्कूलों को अधिक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी और राज्य के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार आएगा।
गुणवत्ता और शोध पर भी जोर
बैठक के दौरान, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और शोध संस्थानों को मजबूत करने पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने का निर्देश दिया, जिससे शैक्षणिक सहयोग और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा मिल सके। यह विषय उच्च शिक्षा विभाग की कार्ययोजना का एक अहम हिस्सा है। इसके अतिरिक्त, शोध संस्थानों जैसे ए.एन. सिन्हा संस्थान के पुनर्गठन के लिए आवश्यक कदम उठाने और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में मंत्री संजय सिंह टाइगर और वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार, मिहिर कुमार सिंह, लोकेश कुमार सिंह और राजीव रौशन सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति और आगे की कार्यवाही पर विस्तृत चर्चा की।








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