Gaya Encounter: बिहार के गया जिले में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां दारोगा पुत्र रानू सिंह हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भिक्षा गांव में देर रात हुई इस कार्रवाई में दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। यह घटना 19 अक्टूबर को रानू सिंह की हत्या और उनके बड़े भाई मोनू सिंह के घायल होने के बाद से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
पुलिस ने बताया कि घायल आरोपियों की पहचान श्याम बिहारी और गौरव उर्फ कला के रूप में हुई है। दोनों के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हत्याकांड के बाद से ही गया पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। इसी अभियान के तहत आधी रात करीब दो बजे भिक्षा गांव में पुलिस की बदमाशों से सीधी भिड़ंत हो गई।
रानू सिंह हत्याकांड: 19 अक्टूबर की रात क्या हुआ था?
यह पूरा मामला 19 अक्टूबर की रात का है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में अपराधियों ने दो भाइयों पर हमला किया था। रात करीब 11:30 बजे हुई गोलीबारी में 30 वर्षीय रानू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनके बड़े भाई मोनू सिंह, जिनकी उम्र 32 वर्ष बताई गई है, इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत पटना ले जाया गया था।
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। पुलिस की यह कार्रवाई 19 अक्टूबर की रात हुए उस हमले के बाद हुई है, जिसमें रानू सिंह की मौत हो गई थी और उनके बड़े भाई मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस घटना के बाद से ही गया पुलिस पर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव था। मुठभेड़ में दो मुख्य आरोपियों के घायल होने और पकड़े जाने से पुलिस को इस मामले को सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।








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