Bihar Transgender Welfare: बिहार में ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय है। समाज कल्याण विभाग की मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि ट्रांसजेंडर हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उन्हें सम्मान, समान अवसर तथा मुख्यधारा में स्थान दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह बात बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।
मंत्री श्वेता गुप्ता ने ट्रांसजेंडर समुदाय को आश्वस्त किया कि उनकी किसी भी वैध मांग को अनदेखा नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके कल्याण से जुड़े हर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।






किन्नर कल्याण बोर्ड की अब हर तीन महीने पर बैठक
डॉ. श्वेता गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किन्नर कल्याण बोर्ड के सदस्यों का पूरा विवरण और जिला संरक्षण सेल से संबंधित आवश्यक जानकारी जल्द ही विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठकें अब प्रत्येक तीन महीने पर नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य समुदाय से जुड़े मुद्दों की नियमित समीक्षा करना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
ट्रांसजेंडर हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें सम्मान, समान अवसर और समाज की मुख्यधारा में स्थान दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
– डॉ. श्वेता गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री, बिहार
कौशल विकास से ट्रांसजेंडर समुदाय की आत्मनिर्भरता
बैठक के दौरान राज्य सरकार की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव भी सामने आया। ट्रांसजेंडर समुदाय की एक सदस्य ने बताया कि उन्हें कौशल विकास मिशन के तहत नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। उन्होंने साझा किया कि इस पहल ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई राहें खोली हैं। समाज कल्याण विभाग कौशल विकास मिशन के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को पूरी तरह नि:शुल्क कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसरों से जोड़ रहा है।
प्रमुख मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
- ट्रांसजेंडर पहचान पत्र का निर्बाध निर्गमन
- रोजगार एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण
- किन्नर कल्याण बोर्ड के लिए स्थायी कार्यालय का प्रावधान
- विभाग और बोर्ड के बीच समन्वय के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति
- विभागीय वेबसाइट पर बोर्ड सदस्यों का विवरण उपलब्ध कराना
- बोर्ड सदस्यों के लिए उचित मानदेय निर्धारित करना
- सभी सरकारी विभागों में नियमित जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशालाएं आयोजित करना
इस अवसर पर ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्री की व्यक्तिगत रुचि और पहल के कारण ही उन्हें अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार के समक्ष रखने का अवसर मिला है। मंत्री ने सभी सदस्यों को खुलकर अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके प्रत्येक सुझाव को गंभीरता से सुना।
बैठक में समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बोर्ड के सदस्य और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह बैठक बिहार में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान की उम्मीद जगी है।






