Bihar Shravani Mela: बिहार में श्रद्धालुओं के लिए पवित्र श्रावणी मेला 2026 गुरुवार से विधिवत शुरू हो गया है। इसके साथ ही अजगैवीनाथ धाम से बाबाधाम तक कांवड़ियों का सैलाब उमड़ने लगा है। लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र में एक नया और व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत रेड जोन में सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। विशेष रूप से मुंगेर और भागलपुर की दिशा से आने वाले भारी वाहनों के रूट में बड़ा बदलाव किया गया है, जबकि छोटे वाहनों के लिए भी कई स्थानों पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी यात्रा को निर्बाध बनाना है।
फोकस रेड जोन पर: वाहनों की आवाजाही बंद
श्रावणी मेला शुरू होते ही अजगैवीनाथ धाम से बाबाधाम तक कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंचने लगी है। हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र मार्ग से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इसी कारण इस बार भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली थीं। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मेला क्षेत्र के रेड जोन में वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार से लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत, कांवड़ियों के पैदल मार्ग को वाहनों से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार के वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिलेगा।






मुंगेर और भागलपुर से आने वाले वाहनों के लिए नया रूट
प्रशासन ने मुंगेर की ओर से आने वाले सभी बड़े वाहनों के लिए रूट में बदलाव किया है। इन वाहनों को बरियारपुर से न्यू फोरलेन के रास्ते उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा। वहीं, मुंगेर से आने वाले छोटे वाहन केवल कृष्णगढ़ चौक तक ही आ सकेंगे। इसके बाद उन्हें रेलवे ओवरब्रिज, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाइपास थाना रोड, थाना चौक और तिलकपुर होते हुए आगे बढ़ना होगा। कृष्णगढ़ चौक से बाजार और कांवड़िया पैदल मार्ग की ओर किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी।
इसी तरह, भागलपुर की दिशा से आने वाले भारी वाहन भी न्यू फोरलेन का ही उपयोग करेंगे। छोटे कांवड़िया वाहन प्रखंड कार्यालय से आगे नहीं जा पाएंगे। प्रशासन ने बड़े कांवड़िया वाहनों के लिए बाबा चौक के पास फोरलेन के उत्तरी हिस्से में विशेष पार्किंग की व्यवस्था की है, ताकि सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। रेड जोन में केवल पैदल आवाजाही को ही अनुमति दी गई है। कृष्णगढ़ चौक से तिलकपुर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शव वाहन को फोरलेन और मिर्जापुर मार्ग से श्मशान घाट तक जाने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। व्यापारिक वाहनों के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को ऐसे वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। सप्ताह के बाकी चार दिनों में केवल रात 11 बजे से रात 2 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को निर्धारित नियमों के तहत प्रवेश मिलेगा।
श्रावणी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए कुल पांच ट्रैफिक थाने स्थापित किए गए हैं। लगभग 145 ट्रैफिक पुलिसकर्मी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहेंगे। अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में तीन शिफ्टों में और सामान्य दिनों में दो शिफ्टों में ड्यूटी की व्यवस्था की गई है, ताकि हर समय निगरानी बनी रहे। विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में 15 अस्थायी थाने बनाए गए हैं और सेक्टरों का दायरा छोटा रखा गया है, ताकि किसी भी सूचना पर पुलिस तेजी से कार्रवाई कर सके। प्रत्येक सहायक थाना में थानाध्यक्ष, सहायक थानाध्यक्ष, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में जवान तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल भी तैयार किए गए हैं। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक रूट का पालन करें और प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन ले जाने का प्रयास न करें, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।






