Bankipur By-election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले, जन सुराज के मुखिया बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। प्रशांत किशोर ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके 20 नेताओं को बिना किसी वैध कारण के गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बाद, बुधवार देर रात प्रशांत किशोर खुद पटना के जक्कनपुर थाने पहुंच गए और पुलिस से अपने कार्यकर्ताओं की रिहाई और उनकी गिरफ्तारी का कारण पूछा।
बांकीपुर चुनाव: वोटिंग से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप!
Prashant Kishor: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के मतदान से कुछ घंटे पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जन सुराज ने देर रात आपात बैठक बुलाकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि पटना पुलिस ने उनके करीब 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। जन सुराज ने इस कार्रवाई को चुनाव से ठीक पहले की गई एकतरफा कार्रवाई करार दिया है, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित होने की आशंका है।






प्रशांत किशोर के आरोप और जन सुराज का दावा
जन सुराज पार्टी के अनुसार, बुधवार शाम से ही उनके कार्यकर्ता पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। पार्टी के निर्वाचन अभिकर्ता अजय द्विवेदी ने बताया कि पीरबहोर और जक्कनपुर थाना क्षेत्र में कुछ लोगों को रखा गया है, जबकि कुछ को एसटीएफ अपने साथ ले गई है। पार्टी ने हिरासत में लिए गए जिन प्रमुख कार्यकर्ताओं के नाम बताए हैं, उनमें ये शामिल हैं:
- प्रत्युष पूर्व
- अभय शर्मा
- वरुण कुमार
- विकास सिंह
- अमीर इम्तियाज
- मनीष झा
- सुदर्शन मिश्रा
इस घटनाक्रम के बाद प्रशांत किशोर ने देर रात पार्टी नेताओं के साथ एक आपात बैठक की और पूरे मामले की समीक्षा की। जन सुराज ने चुनाव आयोग से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी ने चुनाव पर्यवेक्षक, मुख्य चुनाव पदाधिकारी (CEO), निर्वाची पदाधिकारी और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को शिकायत भेजकर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की है।
जन सुराज ने चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में रखे गए कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो प्रशांत किशोर स्वयं संबंधित थाने जाएंगे।
पटना पुलिस का खंडन और सफाई
दूसरी ओर, पटना पुलिस ने जन सुराज पार्टी के आरोपों का खंडन किया है। सचिवालय डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि मतदान से पहले शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना स्तर पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद ही कुछ लोगों को केवल पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। पीरबहोर थाना प्रभारी ने भी बताया कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही किसी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
बांकीपुर उपचुनाव का माहौल और राजनीतिक हलचल
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बांकीपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है। इस उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने भारतीय जनता पार्टी के नीरज कुमार सिन्हा और राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता प्रमुख उम्मीदवार हैं। इसी कारण इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को निर्धारित है, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। फिलहाल जन सुराज और पटना पुलिस अपने-अपने दावों पर कायम हैं, और अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
वोटिंग से पहले जन सुराज नेताओं की गिरफ्तारी का दावा
प्रशांत किशोर ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें यह दावा किया गया कि पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने जन सुराज के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस पर जन सुराज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त और बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भी शिकायत दर्ज कराई है। जन सुराज से जुड़े अजय द्विवेदी ने बुधवार को मीडिया को बताया कि गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ता अपने परिजनों से मिलने पटना आए थे, तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को जक्कनपुर थाने में रखा गया है। पीके ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि अगर उनके किसी नेता या कार्यकर्ता ने कोई गलती की है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए, लेकिन बेवजह गिरफ्तारियां गलत हैं।
जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने कहा, “अगर जन सुराज के नेताओं को पुलिस नहीं छोड़ेगी, तो मैं खुद थाने चला जाऊंगा। सरकार बताए हमारे लोग कहां हैं।”
पुलिस की सफाई और एफआईआर का मामला
इस मामले पर पटना सचिवालय डीएसपी ने सफाई देते हुए कहा है कि यह कार्रवाई थाना स्तर से की जा रही है और इसका उद्देश्य शांति व्यवस्था बनाए रखना है। पीरबहोर थानाध्यक्ष ने भी मीडिया को बताया कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को लाया गया है और उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, इन दावों के बावजूद, प्रशांत किशोर देर रात खुद जक्कनपुर थाने पहुंच गए, जिससे स्थिति और गरमा गई।
दूसरी ओर, जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और नीतीश कुमार के करीबी नेता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में मामला दर्ज कराया है। यह एफआईआर पीके द्वारा नीतीश कुमार के एक वीडियो को ‘सही नहीं’ बताने के बाद की गई है। इस घटनाक्रम से बांकीपुर उपचुनाव के माहौल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
बांकीपुर उपचुनाव: आज 3.79 लाख मतदाता करेंगे मतदान
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार, 30 जुलाई को मतदान होगा। बुधवार को चुनावकर्मियों को ईवीएम, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट सहित सभी चुनाव सामग्री वितरित कर दी गई, जिसके बाद सभी पोलिंग पार्टियां अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गईं। इस उपचुनाव में कुल 3,79,616 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 422 मतदान केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पैरामिलिट्री फोर्स की 14 कंपनियां तैनात की गई हैं, और सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र बल की मौजूदगी रहेगी। मतदान के बाद, 3 अगस्त को मतों की गिनती की जाएगी।







