Darbhanga Prepaid Meter: बिहार के दरभंगा जिले में प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में हजारों घरों के बिजली मीटर में अचानक 10 हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक की माइनस राशि दिखाई देने लगी है। नियमित रूप से रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिति किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर यह भारी-भरकम ‘बकाया’ कैसे आ गया।
नियमित रिचार्ज के बावजूद भारी-भरकम बकाया
बिरौल अनुमंडल में प्रीपेड बिजली व्यवस्था अब सुविधा के बजाय परेशानी का सबब बन गई है। उन उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, जो लगातार अपने मीटर को रिचार्ज कर रहे थे। इसके बावजूद, उनके मीटर में एकाएक हजारों रुपये की माइनस राशि दिख रही है। यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए भारी वित्तीय संकट पैदा कर रही है और उन्हें बिजली कटौती के डर से अतिरिक्त भुगतान करने पर मजबूर कर रही है।
उपभोक्ताओं में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
इस अप्रत्याशित बिलिंग समस्या को लेकर बिरौल के उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है। वे इस ‘गजब खेल’ को लेकर बिजली विभाग पर सवाल उठा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि इस तकनीकी गड़बड़ी की पूरी तरह से जांच की जाए और उन्हें अनावश्यक बिलों से मुक्ति दिलाई जाए।
बिजली विभाग ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किस वजह से प्रीपेड मीटर में इतनी बड़ी माइनस राशि दिखाई दे रही है। यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति और बिजली आपूर्ति सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जांच के बाद जल्द ही उन्हें इस समस्या से निजात मिलेगी और सही बिलिंग व्यवस्था बहाल होगी।







