Bihar Industrial Rules: बिहार में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले हर संस्थान के लिए शिकायत निवारण समिति (Grievance Redressal Committee) का गठन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम का उद्देश्य कार्यस्थल पर कर्मचारियों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे औद्योगिक संबंधों में मजबूती आएगी।
कर्मचारियों को मिलेगा समान प्रतिनिधित्व, ऐसे बनेगी समिति
नए नियमों के तहत, शिकायत निवारण समिति में नियोक्ता और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की संख्या बराबर होगी। समिति में कुल सदस्यों की संख्या 10 से अधिक नहीं हो सकती। नियोक्ता की ओर से संस्थान के विभिन्न प्रमुख विभागों के ऐसे अधिकारियों को नामित किया जाएगा, जो सीधे कार्यों से जुड़े हों।






कर्मचारियों के प्रतिनिधियों का चयन औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। यदि किसी संस्थान में मान्यता प्राप्त नेगोशिएटिंग यूनियन है, तो वही कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को नामित करेगी। जहां नेगोशिएटिंग काउंसिल कार्यरत होगी, वहां प्रत्येक पंजीकृत ट्रेड यूनियन को उसके सदस्य श्रमिकों की संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलेगा। अगर न तो यूनियन और न ही काउंसिल मौजूद है, तो कर्मचारी स्वयं अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। इस प्रक्रिया के लिए नियोक्ता सूचना प्रौद्योगिकी आधारित ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म का भी उपयोग कर सकेगा।
महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
इस नई व्यवस्था में महिला कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिया गया है। समिति में महिलाओं की भागीदारी उनकी कुल संख्या के अनुपात से कम नहीं होगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि उनकी समस्याओं और सुझावों को प्रभावी ढंग से समिति के समक्ष रखा जा सके, जिससे कार्यस्थल पर उनके हितों की रक्षा हो सके।
पारदर्शिता और समयबद्ध समाधान का लक्ष्य
शिकायत निवारण समिति के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि इस व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान हो। साथ ही, कार्यस्थल पर बेहतर संवाद स्थापित हो सके और औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाया जा सके, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार होगा।







