Bhojpur News: बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। न्याय की मांग को लेकर लगातार चल रहे अभियान के बीच, अब शाहपुर थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों में मोबाइल पर धमकी मिलने और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी के साथ-साथ मारपीट का आरोप भी शामिल है, जिससे पूरे प्रकरण में तनाव और बढ़ गया है। पुलिस ने इन नए आरोपों की जांच शुरू कर दी है, जिससे इस संवेदनशील मामले की पड़ताल का दायरा और विस्तृत हो गया है।
मां को मोबाइल पर धमकी और सोशल मीडिया पर अपशब्द
भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने शाहपुर थाना में पहली शिकायत दर्ज कराई है। बिलौटी गांव निवासी आशा देवी ने पुलिस को बताया कि वह अपने बेटे के मामले में न्याय के लिए कई जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद 28 जुलाई की सुबह उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया।






कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर उन्हें गाली-गलौज दी और जान से मारने की धमकी भी दी। आशा देवी ने यह भी बताया कि 11 जुलाई को सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने अपने गांव के दो व्यक्तियों को नामजद करते हुए इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रिश्तेदार से मारपीट और पुरानी धमकियां
दूसरी प्राथमिकी भरत भूषण तिवारी के रिश्तेदार अंशु कुमार उर्फ लव तिवारी ने दर्ज कराई है। अंशु कुमार ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि 28 जुलाई की शाम बिलौटी गांव में कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं।
उन्होंने बताया कि घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार जारी रखा। अंशु कुमार ने यह भी उल्लेख किया है कि उन्हें पहले भी मोबाइल फोन के जरिए धमकियां मिल चुकी थीं।
उन्होंने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
पुलिस ने शुरू की जांच, निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
दोनों शिकायतों के बाद शाहपुर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकियां दर्ज कर ली हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों मामलों की जांच अलग-अलग तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच के दौरान मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्य, सोशल मीडिया गतिविधियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी परखा जाएगा। शाहपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदनों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
भरत भूषण तिवारी का कथित एनकाउंटर मामला पहले से ही भोजपुर जिले में चर्चा का विषय रहा है। अब इन नई प्राथमिकियों के दर्ज होने से पुलिस पर इस संवेदनशील मामले की गहन और निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है। देखना होगा कि ये नए आरोप जांच को किस दिशा में ले जाते हैं और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।








