दरभंगा, देशज टाइम्स संवाददाता। महात्मा गांधी महाविद्यालय, सुंदरपुर के गृह विज्ञान विभाग की ओर से बहुद्देशीय भवन में प्रधानाचार्य डॉ. रामदेव चौधरी की अध्यक्षता में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय था, गृह विज्ञान में रोजगार के अवसर।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ आगत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद आगत अतिथियों का स्वागत गृह विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका ने पाग, चादर, मोमेंटो व पुष्प गुच्छ देकर किया।







कार्यक्रम में महात्मा गांधी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रामदेव चौधरी ने गृह विज्ञान में रोजगार के अवसर विषय पर विशेष रुप से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि गृह विज्ञान में सभी विषयों का समावेश है। गृह विज्ञान के पांचों ब्रांचों में रोजगार के व्यापक अवसर मिलता है। बस जरूरत है सही दिशा व समय प्रबंधन की।
मुख्य अतिथि के रूप में स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष सह डी आर-2 डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने कहा कि जब एक स्त्री शिक्षित होती है तो वे एक परिवार को, समाज को, राज्य और देश को भी शिक्षित करती है। उन्होंने संगोष्ठी के विषय के बारे में कहा कि हर एक स्त्री अपने आप में रोजगार उत्पन्न कर सकती है, परंतु वे यह सोचती है कि यह काम करे तो समाज क्या कहेंगे ? साथ ही जिस दिन अपने मन से यह विचार निकाल दें कि काम सही है या गलत तो महिलाएं रोजगार दे भी सकती है।
गृह विज्ञान में रोजगार के बहुत सारे अवसर हैं। जैसे, अदौरी बनाना, अचार बनाना, फॉल लगाना, सिलाई,कटाई, कढाई,
रंगोली, पेंटिंग आदि के माध्यम से शुरुआत कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि रोजगार में कोई उम्र नहीं होती। आपलोग आज से प्रण ले ले कि आपके लायक जो भी रोजगार हो उसे तत्काल शुरुआत कर सकते हैं। एक बात और है, अगर आप घर से अकेले निकलते हैं, तो आप कुछ अलग जरूर कर सकते हैं क्योंकि इससे आत्मबल मजबूत होता है और आप अपने माता-पिता के विश्वास पर खरा उतर सकते हैं।
बीजवक्ता के रूप में स्नातकोत्तर गृह विज्ञान पूर्वविभागाध्यक्ष डॉ. श्यामा चौधरी ने कहा कि महिलाओं के लिए गृह विज्ञान शिक्षा के साथ साथ रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इसमें रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। घरेलू कामकाज से लेकर व्यवसायिक स्तर के काम को बढ़ावा देने की भी आवश्यकता है। इससे गृह विज्ञान के प्रति छात्राओं का लगाव बढ़ेगा।
सह वक्ता के रूप में स्नातकोत्तर गृह विज्ञान पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ निर्मला झा ने कहा कि गृह विज्ञान विषय अपने आप में एक महत्वपूर्ण विषय है। इसमें सभी विषयों का समावेश है। गृहविज्ञान में रोजगार की अपार संभावनाएं है। बस जरूरत है इसे छात्राओं के बीच रोजगार से जुड़े तथ्यों को संगोष्ठी से या एकल व्याख्यान के माध्यम से पहुंचना,ताकि बच्चे अधिक से अधिक संख्या में इस विषय में शिक्षा ग्रहण कर रोजगार के अवसर को ढूंढ सके।
अन्य वक्ता के रुप में एम आर एम महाविद्यालय की शिक्षिका डॉ. किरण कुमारी, डॉ एस चंद्रा एवं के एस कॉलेज की डॉ गुंजन कुमारी तथा रंजना कुमारी ने भी अपना विचार रखा। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया। अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. ज्वाला चंद्र चौधरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवकों ने पाग, चादर व मोमेंटो देकर विदाई दी गई।
इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापकों में डॉ. मदन लाल केवट, डॉ. बी पी गुप्ता, डॉ. विश्वनाथ साह, डॉ. उपेंद्र प्रसाद, डॉ. अजय कुमार, प्रो. प्रेम कुमार, डॉ. नसीमुद्दीन, डॉ. एकनारायण पंजियार, डॉ. विष्णु देव मंडल, डॉ किरण कुमारी,डॉ गणेश प्रसाद यादव, डॉ. रामानेक कुशवाहा, प्रो अविनाश कुमार, डॉ. नुरुल हसन, प्रो शिव कुमार नायक, डॉ बिनोद महथा के अलावे महाविद्यालय की छात्राओं,स्नातकोत्तर गृह विज्ञान की शोध छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मंच संचालन वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उत्तीम लाल साहु एवं धन्यवाद ज्ञापन गृहविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रा कर्ण ने किया।









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