Bihar PM Surya Ghar Yojana: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नवंबर 2026 तक इस योजना के सभी लक्ष्यों को हर हाल में हासिल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर खैर नहीं: मुख्य सचिव की सीधी चेतावनी
सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने यह सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो एजेंसियां लगातार खराब प्रदर्शन कर रही हैं, उनकी समीक्षा की जानी चाहिए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। प्रत्यय अमृत ने जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए कि वे योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाएं ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के इसका लाभ मिल सके। बैठक में लाभार्थी सत्यापन, छत पर सौर ऊर्जा प्रतिष्ठानों की स्थापना, गुणवत्ता नियंत्रण और योजना के समग्र क्रियान्वयन में जिला-वार प्रगति का मूल्यांकन किया गया।






लाभार्थी सत्यापन और गुणवत्ता पर विशेष जोर
ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने बताया कि पात्र लाभार्थियों के सत्यापन, छत पर सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, गुणवत्ता आश्वासन और क्रियान्वयन की निगरानी मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। उन्होंने जिला अधिकारियों को काम में तेजी लाने, नियमित रूप से क्षेत्र निरीक्षण करने और बिजली के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा उपायों तथा निगरानी को मजबूत करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने कुटीर ज्योति श्रेणी के तहत पात्र उपभोक्ताओं के शीघ्र सत्यापन की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि योजना के दायरे का विस्तार किया जा सके और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।
बैंकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक और समन्वय का निर्देश
योजना के तहत वित्तीय सहायता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए राज्य सरकार 10 अगस्त को वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक में ऋण अनुमोदन और अस्वीकृति से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी, जिसका उद्देश्य मंजूरी प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करना और लाभार्थियों के लिए समय पर वित्त तक पहुंच सुनिश्चित करना है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों, संबंधित विभागों और क्रियान्वयन एजेंसियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना को पूरा करने के लिए निकट समन्वय में काम करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल, राज्य भर के जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








