प्रभाष रंजन, दरभंगा | एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा शव नहीं सौंपने और अत्यधिक बिल वसूलने के विरोध में आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने दरभंगा-लहेरियासराय मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
Darbhanga News: क्या है पूरा मामला?
बहेड़ी थाना क्षेत्र के नवटोल गांव निवासी किशन देव सहनी के पुत्र बबलू सहनी बाइक से बाजार जा रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
- Advertisement -🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें1
एशिया कप जीत के बाद भारत ने पाकिस्तान को दिया सीधा संदेश! मोहसिन नकवी से नहीं ली ट्रॉफी | आख़िर पुरस्कार समारोह में क्या हुआ?2
बिहार में 1.30 लाख करोड़ का ‘बिजली धमाका’! 6 बड़ी कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी| जाने कहां कितना खर्च होगा? क्या मिलेगा3
बड़ा फैसला: बिहार पुलिस की महिला जवानों को मिलेगी अब और मजबूत सुरक्षा, जानिए क्या है खास तैयारी!4
पटना हाईकोर्ट को मिले 49वें चीफ जस्टिस, राज्यपाल ने दिलाई शपथ, जानें कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव!5
बड़ी राहत! बिहार में घर बैठे मिनटों में बनेगा आपका ABHA हेल्थ अकाउंट, ये है पूरा प्रोसेस6
आपके जिले में भी है खतरा? बिहार में अगले 4 दिन 32 जिलों के लिए आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारीस्थानीय लोगों ने घायल को डीएमसीएच पहुंचाया, जहां से पटना रेफर कर दिया गया।
- Advertisement -एंबुलेंस चालक परिजनों को पटना न ले जाकर दोनार चौक स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया।
इलाज के दौरान बबलू सहनी की मौत हो गई।
अस्पताल ने 78 हजार का बिल थमाया, शव नहीं सौंपा
मृतक के भाई पप्पू सहनी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने 78 हजार रुपये का बिल दे दिया, जबकि 21 हजार रुपये पहले ही दवाओं पर खर्च हो चुके थे।
अस्पताल ने पूरा भुगतान होने तक शव देने से इनकार कर दिया।
12 घंटे तक शव नहीं सौंपे जाने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य सड़क जाम कर दिया।
Darbhanga Police ने संभाला मोर्चा
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, लहेरियासराय थानाध्यक्ष दीपक कुमार, बहादुरपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष राहुल कुमार और डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची।
अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा।
शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया –
परिजनों ने अब तक लिखित शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।







