प्रभाष रंजन, दरभंगा | एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा शव नहीं सौंपने और अत्यधिक बिल वसूलने के विरोध में आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने दरभंगा-लहेरियासराय मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
Darbhanga News: क्या है पूरा मामला?
बहेड़ी थाना क्षेत्र के नवटोल गांव निवासी किशन देव सहनी के पुत्र बबलू सहनी बाइक से बाजार जा रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
- Advertisement -🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें1
Bihar MVI Attack बिहार में बेखौफ बालू माफिया: MVI को घेरकर पीटा, जान से मारने की धमकी; एक गिरफ्तार2
Bihar Special Trains सावन में मिली बड़ी राहत! बिहार-दिल्ली रूट पर 10 स्पेशल ट्रेनें अब सितंबर तक चलेंगी, देखें पूरी लिस्ट3
Jharkhand Police Encounter झारखंड में बड़ा एक्शन! खूंखार गैंगस्टर सुजीत सिन्हा मुठभेड़ में ढेर| पाकिस्तान में छिपे प्रिंस खान से जुड़ा था नेटवर्क4
कंगना रनौत का इंडस्ट्री पर अटैक: ‘इस्लामी रिश्तों में आते ही वामपंथी हो जाती हैं हिंदू लड़कियां!’ | कहा – मैं संघी बनूंगी… ‘जेबकतरे’ दोगला कहीं का!5
Bihar Assistant Professor बिहार में शिक्षकों को मिली बड़ी राहत! 2,451 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता साफ, जानें कब तक मिलेगी ज्वाइनिंग6
3 उपचुनाव रिजल्ट LIVE: बांकीपुर में PK ने मचाया धमाल, दतिया में कांग्रेस का ‘कमबैक’! मांजलपुर में भाजपा की निर्णायक बढ़तस्थानीय लोगों ने घायल को डीएमसीएच पहुंचाया, जहां से पटना रेफर कर दिया गया।
- Advertisement -एंबुलेंस चालक परिजनों को पटना न ले जाकर दोनार चौक स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया।
इलाज के दौरान बबलू सहनी की मौत हो गई।
अस्पताल ने 78 हजार का बिल थमाया, शव नहीं सौंपा
मृतक के भाई पप्पू सहनी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने 78 हजार रुपये का बिल दे दिया, जबकि 21 हजार रुपये पहले ही दवाओं पर खर्च हो चुके थे।
अस्पताल ने पूरा भुगतान होने तक शव देने से इनकार कर दिया।
12 घंटे तक शव नहीं सौंपे जाने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य सड़क जाम कर दिया।
Darbhanga Police ने संभाला मोर्चा
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, लहेरियासराय थानाध्यक्ष दीपक कुमार, बहादुरपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष राहुल कुमार और डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची।
अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा।
शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया –
परिजनों ने अब तक लिखित शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।














