प्रभाष रंजन, दरभंगा | एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा शव नहीं सौंपने और अत्यधिक बिल वसूलने के विरोध में आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने दरभंगा-लहेरियासराय मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
Darbhanga News: क्या है पूरा मामला?
-
बहेड़ी थाना क्षेत्र के नवटोल गांव निवासी किशन देव सहनी के पुत्र बबलू सहनी बाइक से बाजार जा रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
- Advertisement -🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें1
भागलपुर में खौफनाक मंजर! फोरलेन पर थार-ट्रक की टक्कर से 2 की मौत2
पटना से मुजफ्फरपुर अब बस 1 घंटा! बिहार में रैपिड रेल का काम तेज, दिल्ली-एनसीआर मॉडल पर NCRTC को जिम्मेदारी3
बिहार पुलिस का ऐतिहासिक फैसला! अब 24.50 करोड़ से आसमान से होगी शहरों की निगरानी, हर कोने पर होगी 50 पैनी नजर4
पटना बालाजी मंदिर के समीप खौफनाक वारदात! पेड़ से लटकी मिली युवक की लाश, क्या है मौत का रहस्य?5
Bihar Rail Bridge यात्रियों कृपया ध्यान दें बड़ी खुशखबरी ! मोकामा गंगा नदी नए रेल पुल से शुरू होगा ट्रेनों का परिचालन- कोसी -सीमांचल को सीधी कनेक्टिविटी – जानिए – तारीख6
नंदीग्राम चोट पर ममता बनर्जी के ‘झूठ’ का खुलासा! CM सुवेंदु ने दिए CID जांच के आदेश, सियासी बवाल तय -
स्थानीय लोगों ने घायल को डीएमसीएच पहुंचाया, जहां से पटना रेफर कर दिया गया।
- Advertisement - -
एंबुलेंस चालक परिजनों को पटना न ले जाकर दोनार चौक स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया।
-
इलाज के दौरान बबलू सहनी की मौत हो गई।
अस्पताल ने 78 हजार का बिल थमाया, शव नहीं सौंपा
-
मृतक के भाई पप्पू सहनी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने 78 हजार रुपये का बिल दे दिया, जबकि 21 हजार रुपये पहले ही दवाओं पर खर्च हो चुके थे।
-
अस्पताल ने पूरा भुगतान होने तक शव देने से इनकार कर दिया।
-
12 घंटे तक शव नहीं सौंपे जाने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य सड़क जाम कर दिया।
Darbhanga Police ने संभाला मोर्चा
-
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, लहेरियासराय थानाध्यक्ष दीपक कुमार, बहादुरपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष राहुल कुमार और डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची।
-
अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा।
-
शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया –
परिजनों ने अब तक लिखित शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।






