
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। पुलिस की कार्यशैली जब वर्दी से इतर होती है। और, इंसानियत की पाठ पढ़ाने लगती हैं तो लोग शर्म से झुकते ही हैं, इज्जत भी उतनी ही करते हैं।
यही नहीं, जहां जात-पात, धर्म, भेद भाव से अलग काम सामने आता हैं तो लोग नतमस्तक हो जाते हैं। दरभंगा के एक सिपाही ने आज ऐसा कर दिखाया जहां जात-पात नहीं जहां भेद भाव नहीं, कुछ हैं तो बस इंसानियत। क्या हिंदू क्या मुसलमान, बस खून का एक रंग वह भी लाल।
दरअसल,अस्पताल में बीमार होकर भर्ती हुये एक गर्भवती महिला को एक ट्रैफिक के सिपाही ने अपना खून देकर जान बचाया। वह सिपाही जाति से मुसलमान और खून के लिये कराह रही महिला कोई और नहीं हिंदू थी इसमें भी ब्राह्मण।
जानकारी के अनुसार लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर की रहने वाली मनोज पाठक की पत्नी संगीता पाठक गर्भवती हैं। उसके शरीर से इतना खून बह गया। इसके कारण वह अस्पताल में भर्ती हुई। चिकित्सक ने कहा कि इन्हें खून की ज्यादा कमी हैं।
परिजन खून के लिए भटकने लगे। ब्लड बैंक में भी इनके ग्रुप का ब्लड नहीं मिला। उसके बाद परिजनों ने मानवाधिकार इमरजेंसी सोशल हेल्पलाइन के चेयरमैन अभिजीत कुमार को जानकारी दी। परिजन ब्लड की खोज में इधर उधर भटक रहे थे।
इसी दौरान किसी ने खून की आवश्यकता होने की जानकारी ट्रैफिक थाना पहुंच कर थानाध्यक्ष नीलमणि रंजन को दी।थानाध्यक्ष नीलमणि ने सभी सिपाहियों से संपर्क साधा और कहा ओ पॉजिटिव का खून किसके शरीर में दौड़ रहा हैं जल्दी बताओ।
इसी दौरान ट्रैफिक थाना में पदस्थापित सिपाही मो. सोहैल ने यह बात सुनकर कहा कि मेरा ब्लड ओ पॉजिटिव है, मैं किसी को भी ब्लड दे सकता हूं। सोहेल खून देने को तैयार हो गया। डीएमसीएच जाकर सिपाही ने एक यूनिट ब्लड दिया।इस खून के चढ़ते ही महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा है।
सिपाही सोहेल के इस पहल की लोग काफी सराहना कर रहे है। मो.सोहेल जहानाबाद जिला के नगर थाना क्षेत्र के बीचली मोहल्ला के रहने वाले हैं। इससे पूर्व भी वह 4 बार ब्लड दान कर चुके हैं। उन्होंने थोड़ा भी शिकन नहीं दिखाया और उस महिला को खून दिया जिस कारण वह फिलहाल ठीक हैं।







