spot_img

दरभंगा की सड़कों पर ठेले और खोमचे वालों से पुलिस का ये रिश्ता क्या कहलाता है…?

spot_img
- Advertisement -

दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगे ठेले के कारण जाम की समस्या हमेशा बनी रहती है। आप जहां देखेंगे वहीं यह नजारा देखने को मिल जाएगा।

- Advertisement -

यहां तक कि सड़कों पर बोरी डालकर भी लोग बैठ जाते हैं। अब सवाल उठना लाजमी है कि इसपर नगर निगम सख्त  क्यों नहीं होती या पुलिस कर्मी इसे हटाते क्यों नहीं है? क्योंकि ठेले और पुलिस वालों के बीच यह रिश्ता क्या कहलाता है,   पढ़िए संजय कुमार राय की आंख खोल देने वाली यह रपट

- Advertisement -

दरभंगा की सड़कों पर ठेले और खोमचे वालों से पुलिस का ये रिश्ता क्या कहलाता है...?
आपको बता देना चाहते हैं कि सड़कों पर ठेला कोई और नहीं पुलिस वाले लगवाते हैं। और, इनसे भारी भरकम नजराना वसूलते हैं। एक ठेले वाले से साप्ताहिक 14 सौ रुपए की अवैध उगाही की जाती है। अब एक ठेले से मासिक वसूली की बात करें तो 56 सौ रुपए की नाजायज वसूली की जाती है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Begusarai Gangrape बेगूसराय में हैवानियत की हद! घर से अगवा कर दिव्यांग नाबालिग से गैंगरेप | Crime Scene में पढ़िए ∆ पिता दिल्ली में -मां बाहर -सुनसान जगह - छोटा-मोटा कारोबार और मसाला मिल

दरभंगा की सड़कों पर ठेले और खोमचे वालों से पुलिस का ये रिश्ता क्या कहलाता है...? अब लहेरियासराय थाना से हजमा चौक एवं हजमा चौक से लहेरियासराय बस स्टैंड और उसके इर्द-गिर्द तकरीबन सौ से ज्यादा ठेले लगते हैं। अब मासिक अगर एक ठेले से 56 सौ रुपये की वसूली होती है तो सौ ठेले में पांच लाख साठ हजार की नाजायज वसूली मासिक हो जाती है।

अगर इसे एक साल का नाजायज वसूली जोड़े तो तकरीबन 67 लाख बीस हजार की वसूली हो जाती है। अब आप सोच रहें होंगे कि यह वसूली कौन करता है, तो जाहिर सी बात है कि या तो आम गुंडे कर रहें होंगे या पुलिस वाले गुंडे कर रहें होंगे।

यह भी पढ़ें:  Brazil Election से डोनाल्ड ट्रंप का मूड खराब धुर विरोधी का -ब्राजील में बड़ा उलटफेर! लूला डा सिल्वा की धमाकेदार वापसी| बने राष्ट्रपति -चौथी बार संभाली सत्ता

अब आम गुंडे कि क्या बिसात कि इन जगहों पर से वसूली कर लें और यहां से चला जाए। क्योंकि चारों तरफ पुलिस ही पुलिस है। जब इस बात की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की तो सच सामने आया। लेकिन किसी की क्या औकात कि कोई कुछ बोल दे क्योंकि यहां पुलिस वाले गुंडे ही पैसे वसूलते हैं और वो भी एक दो रुपए नहीं कई लाखों में। दरभंगा की सड़कों पर ठेले और खोमचे वालों से पुलिस का ये रिश्ता क्या कहलाता है...? अगर आपने बोलने की हिम्मत जुटाई तो बस गोली मार देने की धमकी दे बैठते हैं। एसडीपीओ सदर के कार्यालय के भीतर गाड़ी लें जाने में स्वयं एसडीपीओ सदर को दिक्कत होती है। इनके मुख्य सड़क गेट के सामने ठेला ही ठेला। यही नजारा दरभंगा टावर चौक का है। यहां भी पुलिस वाले ही पैसा वसूलते हैं। फिर यहां की वसूली को जोड़ दे तो करोड़ में पहुंच जाएगी।

पूरे दिन लाखों लोग इसके कारण जाम की समस्या से जूझते हैं। पर, जिला प्रशासन मूकदर्शक है। पुलिस प्रशासन अवैध उगाही करती है तो फिर बात ही क्या है।

इस बाबत एसडीपीओ अमित कुमार से पूछा कि आपके गेट पर और सड़क पर इतनी ठेले लगते हैं। अगर बाहर जिले के लोग इस तरह एसडीपीओ कार्यालय के गेट और अगल बगल ठेला देखेंगे तो क्या सोचेंगे।

यह भी पढ़ें:  दरभंगा का सिस्टम फिलियोर | ये क्या है... शर्म? स्कूल परिसर बना 1 महीने से तालाब, 700 बच्चे - पढ़ाई पानी में - पड़ रहे बीमार |हाकिम से शिकायत फिर भी समाधान नहीं-कौन जिम्मेदार? | पढ़िए हे छठी मैया

फिर उनका जवाब था कि ठेले वाले हैं। गरीब हैं। उनके इस उत्तर से में भी सहमत हुआ लेकिन भावनाओं से ना पुलिसिंग की जा सकती ना ही अवैद्य रूप से चल रहे कार्यों को रोका जा सकता है।

इस बाबत हमने लहेरियासराय थानाध्यक्ष से भी कहा लेकिन उन्होंने भी इस बात से पलटी मार दी। जिला प्रशासन ने इन सभी को ठेला लगाने या सब्जी बेचने की अनुमति पोलो मैदान के आगे दे दी थी। बावजूद, सड़कों पर ठेले लगते है। दरभंगा की सड़कों पर ठेले और खोमचे वालों से पुलिस का ये रिश्ता क्या कहलाता है...? पुलिस वाले इनसे रंगदारी के तौर पर पैसे वसूलते हैं। अब जिनकी कमाई सालाना 50-60 लाख रुपए हो जाय तो उनके मन के तेवर और पुलिस की वर्दी से इतना तो तय है कि ये वर्षों से जमे पुलिस के दूसरे रूप में पुलिस वाले गुंडे ही हो सकते हैं।

कई लोग दबे जुबान कहते हैं कि इस मामले की जांच सख्त और ईमानदार पुलिस पदाधिकारी से करायी जाए ताकि समय रहते इस पर पाबंदी लगे। और लोगों को राहत मिलें। वरना एक दिन ऐसा भी आ जाएगा जब नगर निगम और थाना पुलिस इसे खाली कराने पहुंचेगी तो इस भीड़ का उन्हें सामना करना पड़ेगा।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Politics विधानसभा में जेडीयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की स्पीकर प्रेम कुमार से मुलाकात! | 10 पेज के सबूत| पढ़िए – अनंत सिंह पर...

Bihar Politics: बिहार की सियासत में मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। जेडीयू ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करत#BiharPolitics,#AnantSingh,#JDU

अनंत सिंह का राजनीतिक करियर खतरे में! दिल्ली में दिखी सियासी केमिस्ट्री, ललन सिंह का इशारा | संजय झा मौन

Bihar Anant Singh News: मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर संकट मंडरा रहा है। JDU ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। इस बीच, दिल्ली में ललन सिंह और संजय झा का एक साथ दिखन#BiharPolitics,#AnantSingh,#JDUCrisis

समस्तीपुर में बड़ी वारदात! फ्लिपकार्ट ऑफिस से लाखों लूटे, अपराधियों ने सबूत भी नहीं छोड़ा| CCTV DVR भी उखाड़ ले गए

Samastipur Flipkart Loot: समस्तीपुर के मुसरीघरारी में फ्लिपकार्ट कार्यालय से रविवार देर रात चार नकाबपोश अपराधियों ने पिस्तौल के बल पर 1.49 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के बाद अपराधी सीसीटीव#SamastipurCrime,#FlipkartLoot,#BiharPolice

पटना वालों की बल्ले-बल्ले -घटेगा दबाव! अब जाम से मिलेगी मुक्ति, ट्रेनें फर्राटा भरेंगी | पढ़िए – मालगाड़ी – बायपास

Bihar Rail Bypass: बिहार के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! पटना में ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नेउरा-दनियावां रेल बाइपास परियोजना पर काम जारी है। इससे यात्री ट्रेनों क#BiharRail,#PatnaNews,#TrainBypass