
गया: पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी पर सरेआम हमला करने की धमकी देने वाला एक वीडियो बुधवार की शाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में एक युवक केंद्रीय मंत्री के प्रति बेहद आपत्तिजनक और असंसदीय भाषा का प्रयोग करता दिख रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने और धमकी देने वाले युवक की पहचान कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
बुधवार शाम को सामने आए इस वायरल वीडियो में एक युवक जीतनराम मांझी पर निशाना साधते हुए कह रहा है कि अगर उनकी समधिन ज्योति मांझी पर हमला हुआ तो उन्हें दर्द हो रहा है, लेकिन जब दिल्ली में बिहारी मारे गए थे, तब उन्होंने क्या कहा था? युवक धमकी भरे लहजे में यह भी कहता है कि यादव दारोगा पर निशाना साधना बंद करो, वरना जूते खोलकर मारेंगे। वह लगातार अभद्र और उग्र भाषा का प्रयोग करते हुए पूर्व सीएम को धमका रहा है।
पुलिस ने दिए FIR के आदेश, युवक की तलाश जारी
इधर, सोशल मीडिया पर धमकी भरा वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आलाधिकारियों ने तत्काल इस मामले की जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। गया के एसएसपी सुशील कुमार ने पुष्टि की है कि उन्हें धमकी भरा वीडियो मिला है और इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस अब धमकी देने वाले युवक की पहचान करने और उस पर कानूनी कार्रवाई करने में जुट गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह पूरा मामला बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा है। बीते रविवार को विधायक ज्योति मांझी अपने क्षेत्र भ्रमण पर थीं, तभी एक सवारी वाहन से साइड देने को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामूली कहासुनी जल्द ही तीखी बहस में बदल गई और आरोप है कि वाहन में सवार लोगों ने विधायक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके सुरक्षाकर्मी के साथ भी धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद विधायक ने मोहनपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
मोहनपुर दारोगा पर कार्रवाई की मांग, जीतनराम मांझी ने दी थी धरने की चेतावनी
एसएसपी सुशील कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर लगातार छापेमारी कर नौ बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं, इस घटना पर केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया में बयान दिया था कि अगर मोहनपुर दारोगा पर आठ दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह डीएम और एसएसपी के पास धरना देंगे। इसके साथ ही, हम पार्टी के जिलाध्यक्ष नारायण मांझी ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ एसएसपी से मुलाकात कर विधायक ज्योति मांझी की सुरक्षा बढ़ाने और उन पर अब तक हुए हमलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन भी सौंपा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह घटना बिहार में राजनीतिक और सामाजिक माहौल की संवेदनशीलता को दर्शाती है। पुलिस इस मामले में पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







