Bihar Cyber Crime: बिहार में ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा एक बार फिर जमुई से सामने आया है। यहां 37.40 लाख रुपये की साइबर ठगी के एक बड़े मामले में पुलिस को चौंकाने वाले डिजिटल सबूत मिले हैं। इन सबूतों से पता चला है कि इस ठगी के तार कथित पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से जुड़े हैं, जिसके बाद जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंच गया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में ‘केबीसी लॉटरी’ के नाम पर होने वाली पुरानी ठगी के तरीके से इतर ‘क्यूआर कोड’ के माध्यम से पैसों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। जमुई, जो लंबे समय से साइबर अपराध के गढ़ के रूप में बदनाम हो रहा है, अब एक बार फिर कथित पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर चर्चा में है।






QR कोड से लाखों की ठगी, पाकिस्तानी नंबरों का कनेक्शन
जमुई में 37.40 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस को ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे इस अपराध का सीधा संबंध कथित पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से जुड़ता दिख रहा है। यह खुलासा दिखाता है कि साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं और अब वे क्यूआर कोड का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

“जमुई में हुई 37.40 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को कथित पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। हम अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की गहनता से जांच कर रहे हैं।”
इन सबूतों के आधार पर पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह महज एक स्थानीय धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम प्रतीत हो रहा है, जिसके तार देश की सीमाओं से बाहर तक फैले हुए हैं।
बिहार में साइबर क्राइम पर पुलिस का शिकंजा
बिहार में साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है और अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। जमुई का यह मामला ‘बिहार साइबर क्राइम’ के बढ़ते खतरे को रेखांकित करता है। पुलिस अब इन अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को सुलझाने और अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आम लोगों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड को स्कैन करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मिले डिजिटल साक्ष्य बेहद अहम हैं और इनसे इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने में सहायता मिलेगी।









