मुख्य बातें
सभी प्रखंडों में शत-प्रतिशत धान रोपनी का आच्छादन सुनिश्चित करें : डीएम
खाद की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी नजर रखने एवं छापेमारी की हर दिन की रिपोर्ट अपडेट करें : डीएम
जिला कृषि टास्क फोर्स की विशेष बैठक में जिलाधिकारी ने जारी किए निर्देश
कल बुधवारीय जांच में कृषि टास्क फोर्स के अधिकारी क्षेत्र में जाकर धान की रोपनी,खाद की उपलब्धता, डीजल अनुदान,कृषि फीडर से बिजली की उपलब्धता, स्टेट ट्यूबबेल, नहरों से पटवन की स्थिति आदि पर फोकस करेंगे
मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो। जिला पदाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभा कक्ष में जिला कृषि टास्क फोर्स की विशेष बैठक का आयोजन किया गया।






इसमें संबधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी कृषि समन्वयकों ने भाग लिया। बैठक में अनियमित मॉनसून को देखते हुए वर्तमान में हो रही वर्षापात एवं धान की रोपनी की स्थिति, डीजल अनुदान, खाद की उपलब्धता, खाद विशेषकर यूरिया का निर्धारित मूल्य पर बिक्री , कृषि फीडर में 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति व नलकूप की मरम्मती सहित पीएम किसान सम्मान निधि योजना,पशुपालन एवं डेयरी से संबधित योजना आदि को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई एवं कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम वर्तमान में हो रही वर्षापात एवं धान रोपनी को लेकर प्रखंडवार सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड समन्वयक से बारी-बारी से समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि विगत दो दिनों में जिले में लगभग 46 एमएम वर्षापात हुई है एवं धान की रोपनी का अभी तक 72 प्रतिशत आच्छादन हो चुका है,परंतु कुछ प्रखंड में अभी भी रोपनी की स्थिति अच्छी नही है।
रहिका में 40% बिस्फी में 48% पंडौल में 56% राजनगर में 60% ही धान की रोपनी हुई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वर्तमान में अच्छी वर्षा हो रही है अतः कम रोपनी वाले प्रखंड सहित शेष सभी प्रखंड एक सप्ताह के अंदर सभी प्रखंडों में शत-प्रतिशत धान रोपनी का आच्छादन सुनिश्चित करें,साथ ही वास्तविक रुप से प्रतिदिन इसकी इंट्री करना भी सुनिश्चित हो।
उन्होंने सभी कृषि समन्वयकों को निर्देश दिया कि दो दिनों के अंदर अपने-अपने क्षेत्र में यह सर्वे कर लें कि कितने डीजल पंप सेट हैं। उन्होंने डीजल अनुदान को लेकर विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 22 -23 अंतर्गत खरीफ मौसम के फसलों में अल्प वृष्टि के कारण सुखाड़ जैसी उत्पन्न स्थिति को देखते हुए डीजल चालित पंप सेट से पटवन करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को डीजल अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।
खरीफ फसलों की डीजल पंप सेट से सिंचाई के लिए क्रय किए गए डीजल पर 60 रुपये प्रति लीटर की दर से 600 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम 8 एकड़ सिंचाई के लिए ही देय होगा। इस योजना का लाभ कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल में ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा।
वैसे किसान जो पूर्व में डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत हैं उन्हें पुनः पंजीकरण नहीं करना है वे सीधे डीजल अनुदान के लिए पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। डीजल अनुदान की राशि आवेदक के आधार से जुड़े बैंक खाते में ही हस्तांतरित की जाएगी।
अगर बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं होगा तो वैसे किसानों को को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। डीजल अनुदान योजना खरीफ 2022 के लाभ के लिए दिनांक 29 जुलाई 2022 से सिंचाई के लिए क्रय किये गए डीजल के लिए ही मान्य होगा।
इसी तरह 30 अक्टूबर 2022 तक सिंचाई के लिए किए गए डीजल के लिए ही अनुदान का लाभ मान्य होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को अपने आवेदन के संदर्भ में किसी प्रकार की शिकायत होगी तो वे लिखित रूप से शिकायत संबंधित डीजल अनुदान अनुशंसा निगरानी समिति के समक्ष रखेंगे।
ऐसे सभी शिकायतों का 15 दिनों के अंदर संबंधित कृषि समन्वयक के द्वारा जांच की जाएगी ।जो किसान वांछित अहर्ता रखते हैं उन्हें अनुदान के भुगतान हेतु विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने विद्युत कार्यपालक अभियंता विद्युत को निर्देश दिया गया कि कृषि फीडर में किसानों के सिंचाई के लिए 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति करें,अगर कही समस्या होती है तो स्वयं क्षेत्र में जाकर देखें। उन्होंने जले हुए ट्रांसफार्मर को अविलम्ब ठीक करने का आदेश विभागीय अधिकारी को दिया।
उर्वरक की उपलब्धता एवं कालाबाजारी आदि की समीक्षा के क्रम में डीएम ने निर्देश दिया कि कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार उर्वरक विक्रेताओं पर नजर रखें। कंट्रोल रूम से प्राप्त शिकायतों पर अविलम्ब कार्रवाई करें। किसी भी सूरत में खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नही की जाएगी। गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में जिले में खाद उपलब्ध करवाया गया है।

खाद की कालाबाजारी पर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन कड़ी नजर है। उन्होंने निर्देश दिया कि खाद की दुकानों पर की जाने वाली छापेमारी की प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध करवाएं। नलकूप की समीक्षा क्रम में यह पाया गया कि वर्तमान में 122 नलकूप चालू हैं। 242 नलकूप खराब हैं,जिसमे 159 की मरम्मती हेतु पैसा पंचायतों को भेज दिया गया है। 18 विद्युत गड़बड़ी से बंद थे जिसमें 12 ठीक हो गए हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि बंद पड़े नलकूपों को एक सप्ताह में ठीक करें ताकि किसान सिंचाई में उनका इस्तेमाल कर सकें।
उन्होंने कहा कि मरम्मती नही करने वाले मुखिया के खिलाफ कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। किसान सम्मान निधि योजना के समीक्षा के क्रम में डीएम ने निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का ससमय निष्पादन करें साथ ही पुराने किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन भी ससमय कर लें।डीएम ने कहा कि अभी लगातार 10 दिनों तक प्रतिदिन कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की जाएगी।
इसमें सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी भाग लेंगे ताकि सभी स्थितियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि बुधवार के जांच में कृषि टास्क फोर्स से संबंधित अधिकारी भी क्षेत्र में जाकर धान की रोपनी की स्थिति, कृषि फीडर से बिजली की उपलब्धता, स्टेट ट्यूबवेल की जांच, नहरों से पानी की उपलब्धता, उर्वरक दुकानों में छापेमारी, वर्षा मापी यंत्र की जांच आदि कार्य करेंगे।
इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी की ओर से पशुपालन विभाग की, डेयरी विभाग की एवं उद्यान विभाग की योजनाएं आदि की भी समीक्षा की गयी एवं कई आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में उप विकास आयुक्त विशाल राज, डीपीआरओ परिमल कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, एलडीएम, सभी कार्यपालक अभियंता जलसंसाधन विभाग,कार्यपालक अभियंता विद्युत,सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी कृषि समन्वयक आदि मौजूद थे।








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