
Muzaffarpur Land Registry: मुजफ्फरपुर में जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक आखिरकार हट गई है, जिससे हजारों भू-स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। राज्य कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए चिन्हित 76 मौजों में भूमि लेन-देन पर लगी पाबंदी हटाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब संबंधित विभागों की अधिसूचना जारी होने के बाद इन इलाकों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकेगी। यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो महीनों से अपनी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए इंतजार कर रहे थे।
क्यों लगी थी रजिस्ट्री पर रोक?
मुजफ्फरपुर में एक सुनियोजित शहरी विकास के लिए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना तैयार की गई थी। इस परियोजना के कोर एरिया में शामिल 76 राजस्व ग्रामों में अप्रैल से जमीन के विकास, खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर पाबंदी लगा दी गई थी। इस रोक के कारण संबंधित इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से ठप पड़ गया था।
इस पाबंदी से उन लोगों को भारी परेशानी हो रही थी, जिन्हें पारिवारिक जरूरतों, मकान निर्माण या कारोबार के लिए जमीन खरीदनी या बेचनी थी। किसान और अन्य भू-स्वामी भी अपनी जमीन के हस्तांतरण के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।
एक सप्ताह में जारी होगी अधिसूचना, जानें कौन से मौजे शामिल
कैबिनेट के फैसले के बाद, नगर विकास एवं आवास विभाग और निबंधन विभाग की ओर से जल्द ही संबंधित पत्र जारी किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। इसके बाद ही चिन्हित मौजों में जमीन की रजिस्ट्री दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ होगा।
जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने के लिए जिन मौजों को चिन्हित किया गया है, वे जिले के चार प्रखंडों में आते हैं। इनमें कांटी के 14 मौजे, कुढ़नी के 19 मौजे, मड़वन के 33 मौजे और मुशहरी के 10 मौजे शामिल हैं।
- कांटी प्रखंड: रोशनपुर, बंगरा, माधोपुर महुआ, पनापुर करियात, रसूलपुर करियात, हिछरा, काबिलपुर और मुबारकपुर समेत 14 मौजे।
- कुढ़नी प्रखंड: मोथौर चकमहरू, गौरेया, खरौना डीह, मढौल, लदौरा और सुमेरा समेत 19 मौजे।
- मड़वन प्रखंड: मरवन खुर्द, बिशुनपुर गोविंद, भटौना, मंसूरपुर चमारुआ, अरिजपुर, मकदुमपुर कोदना, सलाहपुर, खलीलपुर और बोरवाड़ा समेत 33 मौजे।
- मुशहरी प्रखंड: पकरी इस्माइल, परमानंदपुर, धरमपुर, मदापुर चौबे, मधुबनी और पताही उर्फ पताही रूप समेत 10 मौजे।
भू-स्वामियों को अब भी आदेश का इंतजार
कैबिनेट के फैसले से उन भू-स्वामियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी जमीन रोक वाले क्षेत्र में आती है। हालांकि, रजिस्ट्री कराने से पहले संबंधित मौजे और थाना नंबर की पुष्टि करना बेहद जरूरी होगा। विभागीय अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जमीन के निबंधन पर लगी पाबंदी किस तारीख से प्रभावी रूप से हटेगी।
इसलिए, जमीन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे लोगों को संबंधित निबंधन कार्यालय से आधिकारिक आदेश की पुष्टि कर लेनी चाहिए। यह कदम किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचने और सुचारु रूप से लेन-देन को पूरा करने में सहायक होगा।

















