Raxaul News: पूर्वी चंपारण के रक्सौल शहर में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां सब्जी बाजार स्थित एक मकान में 60 वर्षीया आभा पांडेय बदहवास हालत में मिलीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, क्योंकि कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। दरवाजा खुलवाने पर वृद्धा की स्थिति देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए। पुलिस और स्वच्छ रक्सौल संस्था के सदस्यों ने मिलकर उन्हें बाहर निकाला और अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।
संपत्ति विवाद में बेटी पर गंभीर आरोप
अस्पताल में होश आने के बाद आभा पांडेय ने अपनी छोटी बेटी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संपत्ति विवाद को लेकर उनकी छोटी बेटी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उनकी आंखें भर आईं और उन्होंने कहा,

‘सबको संपत्ति से मतलब है…’
स्थानीय लोगों के अनुसार, आभा पांडेय के कमरे से दुर्गंध आने के बाद ही पुलिस को सूचना दी गई। डायल 112 की टीम ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया तो आभा पांडेय अंदर बदहवास हालत में पड़ी थीं। इसके बाद स्वच्छ रक्सौल संस्था के सदस्यों और पुलिस की मदद से कमरे की सफाई की गई और वृद्धा को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूर्व पार्षद की पत्नी हैं आभा पांडेय, एक सप्ताह से नहीं निकली थीं बाहर
स्वच्छ रक्सौल संस्था के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर उनकी टीम मौके पर पहुंची तो वृद्धा की हालत बेहद खराब थी। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। आभा पांडेय रक्सौल नगर परिषद के वार्ड संख्या 20 के पूर्व पार्षद स्व. ओमप्रकाश पांडेय की पत्नी हैं। पति की मृत्यु के बाद से वह सब्जी बाजार स्थित अपने मकान में अकेली रह रही थीं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह करीब एक सप्ताह से घर से बाहर नहीं निकली थीं। बताया गया कि उनकी तीन बेटियां हैं, जिनमें सबसे छोटी बेटी का नाम इस मामले में सामने आया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन दिन पहले तक छोटी बेटी घर आती थी। आखिरी बार वह अपनी मां को गाड़ी में बैठाकर कहीं ले गई थी और बाद में उन्हें वापस घर छोड़ गई। हालांकि, इन परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस का बयान: आवेदन मिलने पर होगी कार्रवाई
रक्सौल थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में आवेदन प्राप्त होने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित बेटी का पक्ष अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्वच्छ रक्सौल संस्था के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान संबंधित बेटी ने शुक्रवार को अपनी मां की कथित गलतियों के बारे में बताने की बात कही थी, जिससे मामले के दोनों पक्षों को सामने लाना आवश्यक है।
आभा पांडेय का अनुमंडल अस्पताल में इलाज जारी है। चिकित्सक के अनुसार, अस्पताल लाए जाने के समय उनकी हालत गंभीर थी, लेकिन आवश्यक उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। संपत्ति विवाद, वृद्धा के कमरे में बंद रहने की परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।
















