Bihar Housing Scheme: ग्रामीण बिहार के आवास निर्माण से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अब मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को अपना घर पूरा करने के लिए ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी योजना के तहत 90 दिनों की मजदूरी प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार के अनुरोध को केंद्र द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। मौजूदा दर के अनुसार, 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 90 दिनों की कुल मजदूरी 27 हजार रुपये होगी।
बिहार ग्रामीण विकास विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, वीबी-जी राम जी योजना को 2026 में लागू किया गया है। विभाग ने इस योजना के संचालन और विभिन्न स्तरों पर इसके कार्यान्वयन से संबंधित आदेश भी जारी किए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गरीब परिवारों के लिए घर बनाने में मजदूरी का खर्च एक बड़ी चुनौती होती है। अब इस खर्च को वीबी-जी राम जी योजना से जोड़ने से निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।
कैसे मिलेगी मजदूरी? मंत्री श्रवण कुमार की पहल
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार लंबे समय से इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने भी इस मांग को प्रमुखता से रखा था। राज्य सरकार के प्रयासों के बाद केंद्र के स्तर पर हुई पहल से अब 90 दिनों की मजदूरी को आवास निर्माण से जोड़ने की अनुमति मिल गई है।
इस नई व्यवस्था के तहत, यदि 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दर को आधार माना जाए, तो 90 दिनों के काम के लिए कुल 27 हजार रुपये की राशि बनती है। यह राशि सीधे आवास निर्माण से जुड़े मजदूरी मद में उपयोग की जा सकेगी। इससे लाभार्थियों को घर बनाने के दौरान श्रम लागत के लिए अलग से व्यवस्था करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी, जिससे उन पर वित्तीय बोझ घटेगा।
ग्रामीण आवास योजनाओं का व्यापक प्रभाव और लक्ष्य
बिहार में ग्रामीण आवास योजनाओं का दायरा पहले से ही काफी व्यापक है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकानों का निर्माण करने का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 13,427 करोड़ रुपये की सहायता का भी उल्लेख किया गया है।
आवास निर्माण और ग्रामीण रोजगार योजना को आपस में जोड़ने की यह व्यवस्था अधूरे पड़े मकानों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। खासकर उन परिवारों के लिए मजदूरी मद की यह सहायता बहुत उपयोगी होगी, जिन्हें घर निर्माण के दौरान श्रमिक खर्च जुटाने में अक्सर परेशानी होती है। लाभार्थी स्वयं भी आवास निर्माण में श्रमदान कर सकते हैं, ऐसी स्थिति में उनके श्रम को मजदूरी मद से जोड़ने का प्रावधान भी किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आवास निर्माण को रोजगार सृजन से भी जोड़ना है।
योजना के क्रियान्वयन और भविष्य की राह
बिहार में वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन से संबंधित कई प्रशासनिक आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने जून और जुलाई 2026 में इस योजना के कार्यान्वयन, संस्थागत व्यवस्था और मजदूरी से जुड़े प्रावधानों पर विस्तृत अधिसूचनाएं जारी की हैं।
सरकार की ओर से आवास निर्माण के लिए रोजगार योजना की मजदूरी का इस्तेमाल किए जाने से दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं के बीच समन्वय बढ़ेगा। एक तरफ ग्रामीण परिवारों को सुनिश्चित रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ निर्माणाधीन आवासों को पूरा करने के लिए मजदूरी की आवश्यकता भी पूरी हो सकेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी।







