Bhojpur News: बिहार के भोजपुर जिले में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में मृतक की मां आशा देवी ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक (SP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय पुलिस की जांच पर अविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनका परिवार हाईकोर्ट और दिल्ली तक जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके दूसरे बेटे चंदन तिवारी को भी पुलिस द्वारा धमकाया गया है।






भोजपुर एनकाउंटर: मां ने CM पर भी जताया अविश्वास
भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने जिला प्रशासन की मौजूदा जांच प्रक्रिया पर गहरा अविश्वास जताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
मुझे मुख्यमंत्री पर भी भरोसा नहीं है।
आशा देवी का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस अधीक्षक की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, कथित एनकाउंटर के आदेश को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके कारण इस मामले को किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाना अत्यंत आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच के लिए CBI की मांग
आशा देवी ने जोर देकर कहा कि उनका परिवार केवल निष्पक्ष जांच चाहता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा जांच से उन्हें किसी भी प्रकार की संतुष्टि नहीं मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे कानूनी विकल्पों का सहारा लेते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी और जरूरत पड़ने पर दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाएंगी।
SP पर बेटे को धमकाने का आरोप और तबादले की मांग
मृतक की मां ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके दूसरे बेटे चंदन तिवारी को मीडिया से बातचीत न करने की चेतावनी दी गई। आशा देवी का दावा है कि पुलिस अधीक्षक ने चंदन को अलग ले जाकर कथित तौर पर कहा कि यदि उसने मीडिया से बात की तो उसका भी वही हाल होगा जो भरत का हुआ। आशा देवी ने संबंधित पुलिस अधीक्षक के तत्काल तबादले की भी मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इस मामले से जुड़े अधिकारियों को उनके पद से हटाया नहीं जाएगा, तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि केवल CBI जांच ही इस संवेदनशील मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।








