Railway Pass: भारतीय रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले प्रिविलेज पास (Privilege Pass) को लेकर अक्सर एक गलतफहमी रहती है। कई लोग मानते हैं कि इस पास से रेलवे कर्मचारी किसी भी ट्रेन में मुफ्त सफर कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। कुछ ऐसी ट्रेनें भी हैं, जिनमें यात्रा करने के लिए रेलवे कर्मचारियों को भी सामान्य यात्रियों की तरह ही किराया चुकाना पड़ता है।
इन लग्जरी ट्रेनों में नहीं मिलती प्रिविलेज पास की सुविधा
रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला Railway Pass सभी ट्रेनों में मान्य नहीं होता है। खासकर, महाराजा एक्सप्रेस और पैलेस ऑन व्हील्स जैसी लग्जरी और टूरिस्ट ट्रेनों में इस पास से मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलती। इन खास ट्रेनों में सफर करने के लिए रेलवे कर्मचारियों को आम यात्रियों की तरह ही टिकट खरीदना पड़ता है।
पद और पे-लेवल तय करते हैं यात्रा की श्रेणी
राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत, दुरंतो, गतिमान और हमसफर जैसी प्रीमियम ट्रेनों में प्रिविलेज पास की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, कर्मचारी किस श्रेणी (क्लास) में यात्रा कर सकता है, यह उसके पद और पे-लेवल पर निर्भर करता है। पास की संख्या भी कर्मचारी की सेवा अवधि, ग्रुप और पे-लेवल के आधार पर तय की जाती है। इसका मतलब है कि एक निचले स्तर के कर्मचारी को मिलने वाली सुविधा और एक वरिष्ठ अधिकारी को मिलने वाली सुविधा में अंतर होता है।
PTO और अन्य पास के नियम क्या हैं?
रेलवे कर्मचारियों को प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) की सुविधा भी मिलती है। लेकिन इसमें किराए का एक निश्चित हिस्सा कर्मचारी को खुद देना होता है। यह पूरी तरह मुफ्त यात्रा नहीं होती। इसके अलावा, रेलवे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए प्रिविलेज पास, ड्यूटी पास और पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लीमेंट्री पास जैसी अलग-अलग सुविधाएं होती हैं। इन सभी पासों के अपने-अपने नियम और शर्तें हैं।
संक्षेप में, रेलवे कर्मचारी होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उन्हें हर ट्रेन में पूरी तरह मुफ्त यात्रा की छूट है। यात्रा के नियम ट्रेन के प्रकार, कर्मचारी के पद और पास की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होते हैं। यह जानकारी रेलवे कर्मचारियों के लिए Train Travel Rules को लेकर स्पष्टता प्रदान करती है।






