Bihar Cricket Stadium: राजगीर के बाद अब बिहार को एक और आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम मिलने की राह खुल गई है। पटना के मोइनुल हक स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के रूप में विकसित करने की व्यापक तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी जानकारी देते हुए बताया है कि इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे खास पहलू यह है कि इसके निर्माण का खर्च बिहार सरकार को नहीं उठाना पड़ेगा।
500 करोड़ का बजट, BCCI की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास परियोजना का पूरा खर्च भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) वहन करेगा। बिहार सरकार ने इस स्टेडियम के निर्माण को लेकर BCCI से बातचीत की थी, और राज्य सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लिया गया है। यह बिहार के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएम सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में यह बताया कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पुनर्विकास का खर्च भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI उठाएगा। बिहार सरकार ने स्टेडियम के निर्माण को लेकर BCCI से बातचीत की थी और सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लिया गया है।
पटना में ऐसा होगा इंटरनेशनल क्रिकेट कॉम्प्लेक्स
तैयार होने के बाद, यह स्टेडियम पटना की क्रिकेट तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा। प्रस्तावित क्रिकेट कॉम्प्लेक्स लगभग 25 से 30 एकड़ भूमि पर तैयार किया जाएगा, जिसमें दो अलग-अलग क्रिकेट मैदान शामिल होंगे। मुख्य स्टेडियम में लगभग 40 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। यह साफ संकेत है कि पटना भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो सकता है।
सिर्फ दर्शकों की सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी यहां आधुनिक सुविधाओं का पूरा इंतजाम करने की योजना है। इस कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों के लिए हाईटेक ड्रेसिंग रूम, जिम, स्विमिंग पूल और स्पा सेंटर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पूरे क्रिकेट कॉम्प्लेक्स में 9 से 16 विकेट तैयार करने की योजना है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए भी बेहतरीन माहौल मिल सके।
बिहार के क्रिकेट को नई उड़ान, 2029 तक होगा तैयार
जानकारी के अनुसार, इस स्टेडियम के पुनर्विकास का काम करीब तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो संभावना है कि लगभग 2029 तक पटना को उसका नया और अत्याधुनिक Bihar Cricket Stadium मिल जाएगा। इस क्रिकेट स्टेडियम के तैयार होने से बिहार में बड़े क्रिकेट आयोजनों के दरवाजे खुलेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और राज्य के युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं प्राप्त होंगी।






