Bihar Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, शहरी विकास, ऊर्जा और रोजगार से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों का असर आने वाले वर्षों में करोड़ों लोगों पर पड़ेगा। सरकार ने जहां सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का फैसला किया है, वहीं किसानों, डेयरी, मत्स्य पालन, इंजीनियरिंग शिक्षा, AIIMS पटना विस्तार, क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और ग्रीनफील्ड टाउनशिप जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी मंजूरी दे दी है।
1. सरकारी भवनों पर लगेगा 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्य सरकार के सरकारी भवनों पर कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी दी। यह परियोजना RESCO मॉडल पर लागू होगी और बिजली खरीद के लिए Power Purchase Agreement (PPA) किया जाएगा। इससे बिजली उत्पादन बढ़ेगा और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।






2. किसानों के लिए ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’
वित्तीय वर्ष 2026-27 में खरीफ, रबी और गरमा मौसम में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए लगभग 79.84 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसका उद्देश्य राज्य को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
3. डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को मिली मंजूरी
राज्य में डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए 154 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। इससे किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार होगा और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा।
4. खाद्यान्न और पोषण मिशन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत खाद्यान्न और व्यावसायिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए 44.63 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
5. मनरेगा सोशल ऑडिट को और मजबूत बनाया जाएगा
मनरेगा के तहत सामाजिक अंकेक्षण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सोशल ऑडिट सोसाइटी को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया।
6. बंद मोतीपुर चीनी मिल मामले में भुगतान
मुजफ्फरपुर की बंद मोतीपुर चीनी मिल से जुड़े मामले में न्यायालय के आदेश के बाद करीब 63.39 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी गई।
7. बिहार में बनेगी नई मत्स्य निगम
राज्य में मत्स्य और जलीय कृषि के विकास के लिए Bihar Aquaculture Infrastructure and Development Corporation Limited (BAIDCL) के गठन को मंजूरी दी गई। इससे मत्स्य उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
8. डेयरी सेक्टर को बड़ी राहत
कॉम्फेड के तहत बल्क मिल्क कूलर, डेटा आधारित दूध संग्रहण इकाइयों और मिलावट जांच मशीनों की स्थापना के लिए लगभग 56.88 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई, जिसमें राज्य सरकार लगभग 28.44 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
9-10. ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का विस्तार
पटना, मुजफ्फरपुर, गया और सोनपुर की ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए तकनीकी सहयोग, अतिरिक्त भूमि खरीद और अधिग्रहण को मंजूरी दी गई। इससे आधुनिक शहरी विकास को गति मिलेगी।
11. बिहार में RRTS की तैयारी शुरू
राज्य के चार कॉरिडोर में Regional Rapid Transit System (RRTS) विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने हेतु लगभग 31.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। NCRTC को नामित एजेंसी बनाया गया है।
12. विक्रमशिला सेतु के लिए बड़ी राशि
भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के मरम्मत, पुनर्स्थापन और निर्माण कार्यों के लिए लगभग 126.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
13. मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना को अगले पांच वर्षों (2030-31 तक) बढ़ाने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2026-27 के लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।
14-15. इंजीनियरिंग शिक्षा को मिलेगा बड़ा बूस्ट
राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय में 76 नए शिक्षकों के पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही तकनीकी शिक्षा और पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (NITTTR) से सहयोग लिया जाएगा।
16-17. निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों को मानदेय
निर्वाचन सूची के पुनरीक्षण में लगे 243 निर्वाचन निबंधन अधिकारियों और 1351 सहायक अधिकारियों को वार्षिक मानदेय देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
18. AIIMS पटना विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण
AIIMS पटना के विस्तार के लिए लगभग 26.76 एकड़ भूमि अधिग्रहण और इस पर 348.89 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली योजना को मंजूरी दी गई। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
19-21. तीन नए केंद्रीय विद्यालयों का रास्ता साफ
मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने भूमि 30 वर्षों की लीज पर एक रुपये के टोकन मूल्य पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।
22. सिंचाई परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण
मुंगेर जिले की सिंचाई परियोजना के लिए चिन्हित वन भूमि को संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई, जिससे परियोजना के कार्य में तेजी आएगी।
क्या है सबसे बड़ा संदेश?
बिहार कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार ने ग्रीन एनर्जी, कृषि आधुनिकीकरण, शहरी विकास, तेज परिवहन, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, डेयरी, मत्स्य पालन और रोजगार को प्राथमिकता दी है। 500 मेगावाट सोलर प्लांट, RRTS, AIIMS विस्तार, इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए पद, किसानों के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और तीन नए केंद्रीय विद्यालय जैसे फैसले आने वाले वर्षों में बिहार के विकास की दिशा तय करेंगे।








