spot_img

Bihar News: बिहार में अब जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाना हुआ मुश्किल! नीतीश सरकार ने बदले नियम, अब इन दस्तावेजों के बिना नहीं बनेगा काम, जानिए Caste Certificate की टेढ़ी खीर !

spot_img
- Advertisement -

Caste Certificate: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना अब और भी टेढ़ी खीर साबित हो सकता है, क्योंकि बिहार में अब एक कागज का टुकड़ा बनवाने के लिए भी पहाड़ जैसी मशक्कत करनी पड़ेगी। बिहार में जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में नीतीश सरकार ने बड़े बदलाव कर दिए हैं, जिससे अब यह काम पहले जैसा आसान नहीं रहा।

- Advertisement -

Caste Certificate: बिहार में अब जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाना पहले जैसा आसान नहीं रहा। राज्य सरकार ने इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जारी करने के नियमों को और भी सख्त कर दिया है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। नीतीश सरकार के सर्विस प्लस पोर्टल (RTPS) पर इन नए संशोधनों को लागू कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने या शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने के लिए आपको पहले से कहीं अधिक दस्तावेज जमा करने होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

Caste Certificate के लिए क्या हैं नए नियम?

नए नियमों के अनुसार, जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय आवेदक को अपने या अपने पिता-पूर्वजों से जुड़े प्रमाणित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। इसमें राजस्व अभिलेख यानी खतियान की स्व-अभिप्रमाणित फोटोकॉपी, दान पत्र की कॉपी, या भूमि से संबंधित कोई अन्य राजस्व दस्तावेज शामिल है। भूमिहीनों को आवंटित जमीन से जुड़े कागजात भी मान्य होंगे। यदि किसी आवेदक के पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो स्थल निरीक्षण के आधार पर भी आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Cabinet Decision: बिहार कैबिनेट का फैसला: 63 एजेंडों पर मुहर, गंगा पथ को हरी झंडी और बिजली सब्सिडी का ऐलान!

आय और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए भी बदले नियम

जाति प्रमाण पत्र के साथ-साथ आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) बनवाने की प्रक्रिया भी अब जटिल हो गई है। पहले जहां सीमित दस्तावेजों से काम चल जाता था, वहीं अब आवेदक को अपनी आय से जुड़े अतिरिक्त प्रमाण देने होंगे। इसके लिए वेतन पर्ची (Salary Slip), पेंशन से संबंधित दस्तावेज, आयकर रिटर्न (ITR) या आय को प्रमाणित करने वाला कोई अन्य वैध कागज अपलोड करना अनिवार्य होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी तरह, आवासीय प्रमाण पत्र के लिए भी राजस्व अभिलेख का खतियान, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या बिजली बिल जैसे अतिरिक्त दस्तावेजों का विकल्प जोड़ा गया है।

सरकार ने क्यों सख्त किए नियम?

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य आवेदकों द्वारा दी गई जानकारी का सटीक सत्यापन करना और प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। इससे फर्जी प्रमाण पत्रों पर लगाम लगेगी। हालांकि, जो लोग इन प्रमाण पत्रों को बनवाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब आवेदन करते समय इन नए नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, वरना उनका आवेदन खारिज हो सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। सरकार का यह कदम कितना प्रभावी होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल आम आदमी के लिए यह एक नई चुनौती जरूर बन गया है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Education News: ‘ बदल गया पैटर्न…’ अब नई किताबों से पढ़ेंगे 11वीं-12वीं के छात्र, 20 मई तक मिलेंगी नई किताबें, जानिए

Bihar Education News: बिहार के सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वीं के छात्रों...

Bihar Police Encounter: बिहार में 24 घंटे के भीतर दूसरा एनकाउंटर, BJP नेता के भांजे का हत्यारा ढेर, लगातार दूसरे दिन पुलिस का ‘ऑपरेशन...

Bihar Police Encounter: बिहार में अपराधियों की अब खैर नहीं! सम्राट सरकार की पुलिस...

खुशखबरी…बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति: इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 1239 नई भर्तियां, क्रेडिट कार्ड योजना पर भी बड़ा फैसला, जानिए

बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति: खुशखबरी! बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में बंपर...