Bihar EV Charging Stations: इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन के बीच बिहार में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने राज्य में प्रस्तावित EV चार्जिंग स्टेशनों के लिए साइट सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत पहले चरण में 6 जिलों के 72 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
इन 6 जिलों में BHEL कर रहा है सर्वे
BHEL की टीम 17 से 20 अगस्त के बीच पटना, गया, वैशाली, पूर्णिया, नालंदा और छपरा जैसे 6 जिलों का दौरा कर रही है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य साइट की उपयुक्तता, बिजली कनेक्टिविटी, पहुंच और अन्य तकनीकी आवश्यकताओं का आकलन करना है। इन आकलन के आधार पर, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा।
पीएम ई-ड्राइव योजना और बैठक
यह परियोजना पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसे सितंबर 2024 में अधिसूचित किया गया था। इस योजना के लिए कुल 10,900 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें से सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशनों के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 17 अगस्त को परिवहन सचिव के कार्यालय में इस परियोजना को लेकर एक अहम बैठक भी हुई। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार, भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह और BHEL के महाप्रबंधक जे.के. पटनायक सहित कई अधिकारी मौजूद थे। संबंधित जिलों और विभागीय अधिकारियों को BHEL टीम को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सर्वे निर्धारित समय पर पूरा हो सके।
राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा
परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि एक मजबूत चार्जिंग नेटवर्क विकसित करना राज्य की प्राथमिकताओं में से एक है, ताकि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि राजमार्गों और शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन होने से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में सुविधा होगी। अमरेंद्र किशोर सिंह ने भी इस पहल को बिहार में EV इकोसिस्टम को मजबूत करने वाला बताया। भारी उद्योग मंत्रालय को बिहार परिवहन विभाग से 23 जिलों के 129 स्थानों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने का प्रस्ताव मिला है। BHEL को इन सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार स्वच्छ परिवहन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में राष्ट्रीय परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को भी लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलेगी, जिससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ेगी।







