Bihar EWS Students: बिहार में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर एक बड़ी मांग उठी है। बिहार सरकार में मंत्री और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री Bihar सम्राट चौधरी से अपील की है कि EWS वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा में वित्तीय सहायता मिले। उनका कहना है कि इन छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस में छूट की मांग
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने खास तौर पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं का जिक्र किया। उन्होंने इन सभी परीक्षाओं के आवेदन शुल्क में EWS विद्यार्थियों को छूट देने की मांग की है। सुमन का तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले छात्रों को इन महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल होने के लिए फीस के स्तर पर भी राहत मिलनी अत्यंत आवश्यक है।
IIT और मेडिकल की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप की वकालत
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), मेडिकल, इंजीनियरिंग और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले EWS विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने की भी मांग रखी है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिले तथा ट्यूशन फीस में परिवार की आय के आधार पर छूट दी जाए। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक तंगी प्रतिभाशाली छात्रों के सपनों के आड़े न आए।
संतोष सुमन ने कहा, ‘आर्थिक सहायता सिर्फ पढ़ाई की फीस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हॉस्टल, मेस और दूसरे शैक्षणिक खर्चों के लिए भी EWS विद्यार्थियों को मदद मिलनी चाहिए, ताकि आर्थिक परेशानी उनकी पढ़ाई में रुकावट न बने।’
समान अवसर और आर्थिक न्याय पर जोर
अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए, डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि उनकी अपील का उद्देश्य किसी भी वर्ग को पहले से मिल रही सुविधाओं में कटौती करना नहीं है। बल्कि, उनका मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सभी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर और पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस संवेदनशील मामले में तत्काल पहल करने का आग्रह किया है। यह कदम बिहार के लाखों EWS छात्रों के लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव रख सकता है।







