Bihar Health Scheme: बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब मरीजों को इलाज के लिए अधिक पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। केंद्र सरकार ने बिहार में 598 नए शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी दी है, जहां केवल 2 रुपये के सुविधा शुल्क पर ओपीडी में इलाज की सुविधा मिलेगी।
इन 598 केंद्रों में 164 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) और 434 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (UHWC) शामिल हैं। इन केंद्रों का सबसे अधिक लाभ शहरी इलाकों की स्लम बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेगा।

सिर्फ 2 रुपये का पर्चा, मुफ्त मिलेंगी दवाएं
इन नए स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं लगभग मुफ्त मिलेंगी। ओपीडी में इलाज के लिए मरीज को नाममात्र का 2 रुपये का पर्चा यानी सुविधा शुल्क देना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए इन केंद्रों के संचालन का समय भी तय कर दिया है:
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC): सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक
- शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (UHWC): सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक
यह समय-सारिणी कामकाजी लोगों को भी आसानी से इलाज कराने में मदद करेगी।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत विस्तार
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) के तहत बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने राज्य में कुल 598 स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को मंजूरी दी है। इन केंद्रों के जरिए शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
इन स्वास्थ्य केंद्रों पर सिर्फ सामान्य बीमारियों का इलाज ही नहीं, बल्कि कुल 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें मुख्य रूप से ओपीडी सेवा, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य परामर्श, संचारी रोगों की जांच, गैर-संचारी रोगों की जांच और मुफ्त दवा वितरण शामिल हैं।
स्लम बस्तियों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
सरकार का मुख्य ध्यान शहरी स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। इसके लिए स्लम बस्तियों के आसपास किराए के भवनों में स्वास्थ्य केंद्र चलाए जाएंगे। साथ ही, जरूरत वाले इलाकों में दूरस्थ स्वास्थ्य शिविर और आयुष्मान आरोग्य शिविर भी लगाए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था में शहरी आशा कार्यकर्ताओं और महिलाओं की अहम भूमिका होगी।
पटना के लोगों के लिए भी इस योजना में विशेष व्यवस्था की गई है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और Bihar स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल के तहत, शहर में पहले से चल रहे 11 जन सेवा केंद्रों को अब शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में संचालित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इन 11 केंद्रों के संचालन को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।
युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, शैक्षणिक संस्थानों में भी स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं। शहरी निकाय क्षेत्र में आने वाले 19 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान और 14 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में भी शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों का सीधा लाभ कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों के घर के करीब लाना है। खासकर स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब लोगों को अब छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए दूर अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी।







