Bihar Crime News: बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर करारा हमला बोला है। उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराध और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। भाई वीरेंद्र ने विशेष रूप से डायल 112 सेवा की व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी की है।
राजद विधायक ने साफ कहा कि विपक्ष का काम सरकार को आगाह करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक राज्य में अपराध पर लगाम नहीं लगती, विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा। भाई वीरेंद्र के अनुसार, पूरे बिहार में अपराध अपने चरम पर है और हर दिन हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं।

अपराध पर ‘मटरगश्ती’ और मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने डायल 112 पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह गश्ती के बजाय ‘मटरगश्ती’ कर रही है। उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से तत्काल ध्यान देने की अपील की। बिहार में क्राइम न्यूज को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा है।
“डायल 112 की पुलिस गश्ती के बजाय ‘मटरगश्ती’ कर रही है। सरकार जब तक अपराध पर लगाम नहीं लगाती, हम विपक्ष में हैं। हमारा काम है सरकार को होशियार करना। नौजवान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मैं आशा करता हूं कि आप अपराध पर लगाम लगाइए।”
भाई वीरेंद्र का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। उनका यह सीधा हमला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपराध नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की चुनौती देता है।
प्रशांत किशोर के नौकरी के वादे पर भी उठाए सवाल
भाई वीरेंद्र ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर द्वारा 10 हजार युवाओं को नौकरी देने के वादे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई युवाओं को नौकरी देने की बात करता है तो वह उसका स्वागत करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वादे करने से बात नहीं बनेगी, परिणाम भी दिखने चाहिए।
“कोई युवाओं को नौकरी देने की बात करता है तो मैं इसका स्वागत करता हूं, लेकिन पहले वह नौकरी दे दें, फिर मैं बात करूंगा।”
इस बयान के जरिए भाई वीरेंद्र ने प्रशांत किशोर को अपने वादे पूरे करने की चुनौती दी है।
शराबबंदी पर सरकार को घेरा, तस्करी पर कार्रवाई की मांग
बिहार की शराबबंदी नीति भी भाई वीरेंद्र के निशाने पर रही। उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी कानून बिना किसी सर्वे के लागू किया गया था और वह खुद इस बात के गवाह हैं। उनका कहना है कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद सीमावर्ती इलाकों से शराब की तस्करी का मुद्दा लगातार बना हुआ है, जिससे कानून का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
भाई वीरेंद्र ने सरकार से शराब तस्करी को लेकर सख्ती बरतने की मांग की। उन्होंने कहा कि नेपाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर से होने वाली शराब तस्करी पर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, सिर्फ शराबबंदी लागू कर देने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि तस्करी के नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
“10 ट्रक शराब पर कार्रवाई करवाते हैं और केवल एक ट्रक पकड़वाकर अपनी कार्रवाई दिखाते हैं।”
राजद विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारी बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी होने देते हैं और कार्रवाई के नाम पर कम मात्रा में शराब पकड़कर अपनी उपलब्धि दिखाते हैं। उन्होंने इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए वास्तविक अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।








