Bihar Land Acquisition: बिहार में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन से जुड़े जटिल मामलों का अब तेजी से निपटारा होगा। राज्य के नौ प्रमंडलों में भूमि विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए नए पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है, जिससे हजारों प्रभावित लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
भूमि विवादों के त्वरित निपटारे से मिलेगी बड़ी राहत
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद राज्य के नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरणों को नए पीठासीन पदाधिकारी मिल गए हैं। ये नियुक्तियां भूमि संबंधी विवादों को तेजी से सुलझाने और प्रभावितों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से की गई हैं। लंबे समय से लंबित पड़े मामलों के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिस पर अब विराम लगने की उम्मीद है।





इन नौ प्रमंडलों में हुई अहम नियुक्तियां
राज्य सरकार ने जिन नौ प्रमंडलों में ये महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं, उनमें पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, दरभंगा, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया, गया और कोशी (सहरसा) शामिल हैं। इन सभी प्राधिकरणों में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और अन्य अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को पीठासीन पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया गया है। यह कदम भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता लाने में सहायक होगा, जिससे किसानों और अन्य भूमि मालिकों के हितों की बेहतर ढंग से रक्षा हो सकेगी।
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह निर्णय भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इन नियुक्तियों के साथ, बिहार सरकार भूमि-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। इससे न केवल विवादों का समाधान तेजी से होगा, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी सुचारु रूप से संपन्न हो सकेगी।








