Jaale News: बिहार के जाले प्रखंड से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। दोघरा वार्ड-आठ निवासी 22 वर्षीय असरफ अली की चूहा मारने की दवा खाने से मौत हो गई है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, लेकिन अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई आवेदन नहीं मिला है।
आवेश में आकर खा ली चूहा मारने की दवा
गुरुवार शाम करीब सात बजे असरफ अली ने किसी बात पर आवेश में आकर चूहा मारने वाली दवा का सेवन कर लिया। दवा खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर रात करीब दस बजे परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जाले में भर्ती कराया। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. नीतीश भारद्वाज ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया।






निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों के अनुसार, डीएमसीएच रेफर किए जाने के बाद असरफ को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को जाले थाना पुलिस ने सूचना मिलने पर शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। इस दुखद घटना के बाद असरफ अली के घर में मातम पसर गया है और स्थानीय लोग भी इस असामयिक मौत पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं।
पुलिस को आवेदन का इंतजार
जाले के थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया है कि पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
‘पीड़ित पक्ष की ओर से कोई आवेदन नहीं आया है। आवेदन आते ही कार्रवाई की जाएगी।’
पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और त्वरित निर्णयों के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान खींचा है।








