Bihar MLA Raid: बिहार के मुजफ्फरपुर में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित सिंह रानू के आवास पर रविवार सुबह पुलिस ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई दो दिन पहले हुए एक गंभीर जमीन विवाद और बाउंड्री तोड़े जाने के मामले से जुड़ी है। पुलिस ने इस मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह और स्वयं अमित सिंह रानू की संलिप्तता का खुलासा किया है।
बेलसंड विधानसभा सीट से लोजपा (रा.) के टिकट पर 2025 में निर्वाचित हुए अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित ठिकाने पर पुलिस ने तलाशी ली। इस मामले में अब तक 13 केस दर्ज किए जा चुके हैं और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
छापेमारी क्यों और कैसे हुई?
जमीन विवाद में बाउंड्री तोड़े जाने की घटना सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को आवेदन दिया था। इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इस घटना में पहले ही दो आरोपियों, सुमित श्रीवास्तव और सन्नी, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद रविवार सुबह पुलिस टीम विधायक के आवास पर पहुंची और तलाशी शुरू की।
एसएसपी ने बताया, ’20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां में असमाजिक तत्वों ने बाउंड्री और लोगों के घरों को महिंद्रा थार तथा जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही दो आरोपियों (सुमित श्रीवास्तव और सन्नी) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़ितों की ओर से मिले नए आवेदनों के आधार पर कुल 13 मामले दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई है।’
विधायक के भाई पर दबंगई और MLA की संलिप्तता
पुलिस को दिए गए आवेदन में विधायक अमित कुमार रानू के भाई सोनू सिंह पर जमीन कारोबार में दबंगई करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, विधायक के भाई कुछ अज्ञात युवकों के साथ लोजपा (रा.) का झंडा लगी गाड़ी से मौके पर पहुंचे थे और उसके बाद जमीन की बाउंड्री तोड़ी गई। पीड़ित पक्ष ने पूरी घटना का वीडियो बनाए जाने का भी दावा किया है।
एसएसपी ने आगे कहा, ‘जांच के दौरान विधायक के भाई सोनू सिंह और स्वयं स्थानीय विधायक की संलिप्तता उजागर हुई है। अदालत से सर्च वारंट हासिल कर अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित ठिकाने पर तलाशी ली गई।’
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें जमीन व पार्टनरशिप से जुड़े एग्रीमेंट, बैंक खातों के विवरण, वाहनों के कागजात और 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टांप पेपर शामिल हैं।
13 मामले दर्ज, अब आगे क्या होगा?
पुलिस की जांच में विधायक और उनके भाई की भूमिका स्पष्ट होने के बाद अब तक बाउंड्री तोड़ने और लोगों को धमकाने के कुल 13 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो, शिकायत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल पुलिस की तलाशी में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस अब फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस जमीन विवाद से जुड़े सभी पहलू सामने आ सकें।







