Patna Zoo toy train की सुविधा का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी Patna स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना जू में जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस टॉय ट्रेन का संचालन फिर से शुरू होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए जू का भ्रमण करना बेहद आसान और आरामदायक हो जाएगा।
9.88 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा नया ट्रैक
चिड़ियाघर प्रशासन और दानापुर रेल मंडल के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत इस पूरी परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। जू निदेशक हेमंत पाटिल के मुताबिक, तकनीकी बाधाओं को दूर करने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। पुरानी पटरियों को पूरी तरह हटाकर अब नए सिरे से ट्रैक बिछाने का काम किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 9.88 करोड़ रुपये है, जिसके तहत 3.77 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक तैयार किया जा रहा है। इंजन और डिब्बों से जुड़े कार्य भी अलग-अलग स्तर पर प्रगति पर हैं।
वंदे भारत की तर्ज पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नियोजित टॉय ट्रेन को आधुनिक और आकर्षक रूप देने के लिए इसे वंदे भारत ट्रेनों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को बैटरी से संचालित किया जाएगा।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| कोच की संख्या | एक इंजन और 4 डिब्बे |
| यात्री क्षमता | एक फेरे में लगभग 80 पर्यटक |
| एसी सुविधा | एक कोच वातानुकूलित प्रस्तावित |
| सफर की अवधि | लगभग 40 मिनट |
बैटरी क्षमता और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए सभी कोच को वातानुकूलित नहीं बनाया जाएगा, लेकिन यात्रियों के आराम के लिए एक कोच एसी रहेगा। प्रत्येक डिब्बे में लगभग 20 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
तालाब और जंगल ट्रेल के बीच होगा रोमांचक सफर
टॉय ट्रेन के नए मार्ग को पर्यटकों के लिए अधिक मनोरंजक बनाया जा रहा है। पुराने रूट में थोड़ा बदलाव करते हुए जंगल ट्रेल वाले हिस्से को संक्षिप्त किया गया है ताकि सफर के दौरान खूबसूरत तालाब का नजारा भी साफ दिखाई दे सके। यह ट्रेन जू के प्रमुख आकर्षणों के करीब से गुजरेगी। पार्क खुलने के बाद सुबह करीब नौ बजे से इसका संचालन शुरू किए जाने की संभावना है, हालांकि टिकट के दाम और निश्चित समय-सारणी का ऐलान परिचालन से पहले किया जाएगा।
पुराने ट्रैक और कोच की सुरक्षा चिंताओं के कारण 17 अगस्त 2015 को पटना जू में पुरानी टॉय ट्रेन का परिचालन हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था।
नया ट्रैक और आधुनिक तकनीक आने के बाद कड़े सुरक्षा परीक्षण और तकनीकी जांच पूरी की जाएगी, जिसके बाद ही नियमित संचालन पर आखिरी मुहर लगेगी। इस परियोजना के जनवरी 2027 के अंत तक पूरा होने का लक्ष्य तय किया गया है।







