Bihar Police Action: NEET पेपर लीक के विरोध में हुए ‘बिहार बंद’ के बाद बिहार पुलिस ने उपद्रवियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राज्यभर में हुई हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को पांच जिलों से 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर उपद्रव में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर रही है।
पुलिस की यह कार्रवाई अब केवल मौके पर पकड़े गए लोगों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट की मदद से उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जिन पर हिंसा में शामिल होने का संदेह है। कई जिलों में पुलिस ने संदिग्धों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं।






पटना में पुलिस का बड़ा एक्शन
राजधानी पटना में पुलिस ने सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 258 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन और उसके दौरान सामने आई हिंसक घटनाओं से जुड़ी हैं। पुलिस अब उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।
छपरा में आगजनी और पुलिस वाहन जलाने के बाद कार्रवाई
छपरा में स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 30 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर कई संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की हैं। शनिवार को छपरा में उपद्रव के दौरान पुलिस के एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
सीतामढ़ी में उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, गिरफ्तारी जारी
सीतामढ़ी पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए 159 युवकों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से 15 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है।
सीवान में AK-47 फायरिंग करने वाले पुलिस जवान को सस्पेंड कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अन्य जिलों में भी सख्त बिहार पुलिस एक्शन
- सासाराम: पुलिस ने हिंसा और उपद्रव से जुड़े 35 लोगों की पहचान की है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
- किशनगंज: बहादुरगंज में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 22 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
- पूर्णिया: 27 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
- लखीसराय: एक उपद्रवी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 19 संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर पहचान कराने की कोशिश की जा रही है।
- भागलपुर: 40 लोगों को नामजद और 400 से 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 57 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 41 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया और 16 को बंधपत्र पर रिहा किया गया।
सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो फैलाने वालों पर भी नजर
NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने का मामला भी सामने आया है। पुलिस ने ऐसी नौ सोशल मीडिया आईडी की पहचान की है, जिनसे डीपफेक ऐप की मदद से बनाए गए भ्रामक वीडियो प्रसारित किए गए। पुलिस इन अकाउंट्स और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
सीवान में हिंसा, फायरिंग और पुलिस का सख्त रुख
सीवान में हिंसक झड़प और फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। नगर थाने में 30 से अधिक नामजद लोगों के साथ करीब तीन हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। हिंसा के दौरान हुई गोलीबारी में तीन प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान 40 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सीवान के एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं और पुलिस फायरिंग की पूरी घटना की जांच कर रही है।
पुलिस का यह व्यापक अभियान दर्शाता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है, क्योंकि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच जारी रखेगी।








