Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बिहार में एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता,पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद अर्जुन राय ने RJD छोड़ने का ऐलान कर दिया है। अर्जुन राय ने राजद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोमवार को भाजपा में शामिल होने की घोषणा की है। इस फैसले को लालू यादव और तेजस्वी यादव के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
अर्जुन राय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजद में किसी से उनका कोई विवाद नहीं है और यह निर्णय उन्होंने पूरी तरह स्वेच्छा से लिया है। राय ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने क्षेत्र का विकास करना है, जो उन्हें राजद में रहकर संभव नहीं लग रहा था।






राजद की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, विकास को बताया वजह
प्रेस को संबोधित करते हुए अर्जुन राय ने राजद की कार्यप्रणाली और तौर-तरीकों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘आज की राजनीति विकास की राजनीति है। अगर कोई जनप्रतिनिधि अपने इलाके का विकास नहीं करा पाता है तो राजनीति में बने रहने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा विकास की राजनीति रही है। राय ने राजद की वर्तमान स्थिति में काम करना ठीक नहीं समझा, क्योंकि पार्टी का तरीका उन्हें ‘सूट’ नहीं कर रहा था।
‘मैं अपने क्षेत्र का विकास करना चाहता हूं। लेकिन राजद में रहकर तत्काल वह ऐसा कर नहीं पाऊंगा। राजद की वर्तमान में जो स्थिति है उसमें वहां काम करना ठीक नहीं लग रहा। उनकी कार्यप्रणाली और तौर तरीका ठीक मुझे सूट नहीं कर रहा है।’
— अर्जुन राय, पूर्व विधायक
सम्राट चौधरी और नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ
अर्जुन राय ने इस दौरान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन की सरकार’ में ही किसी भी क्षेत्र का तेजी से विकास संभव है। राय ने सम्राट चौधरी के लोकतांत्रिक तरीके से काम करने और उनके ‘सहयोग कार्यक्रम’ से जनता की समस्याओं के समय पर निदान होने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने अपराध से कभी समझौता नहीं किया है, जबकि नरेंद्र मोदी देश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
सोमवार को भाजपा में शामिल होंगे अर्जुन राय
अर्जुन राय ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को भेज दिया है। वह सोमवार को पटना स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। ऐसी संभावना है कि उनके साथ कई समर्थक भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि अर्जुन राय के भाजपा में शामिल होने से मुजफ्फरपुर, खासकर औरई और सीतामढ़ी के इलाकों में भाजपा को मजबूती मिलेगी। इससे पहले प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी राजद छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, जिससे पार्टी को पहले भी नुकसान हो चुका है। अर्जुन राय औरई से विधायक और सीतामढ़ी से सांसद रह चुके हैं। उन्हें पहली बार जदयू के टिकट पर औरई से चुनाव जीतने के बाद नीतीश कुमार ने मंत्री भी बनाया था।
विकास के लिए छोड़ा राजद का साथ, सम्राट चौधरी की तारीफ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अर्जुन राय ने अपने इस्तीफे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि उनका राजद में किसी भी नेता से कोई विवाद नहीं है और यह फैसला उन्होंने पूरी तरह स्वेच्छा से लिया है। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि वह अपने क्षेत्र का विकास करना चाहते हैं, लेकिन राजद में रहते हुए तत्काल ऐसा कर पाना संभव नहीं है।
अर्जुन राय ने कहा, ‘आज की राजनीति विकास की राजनीति है। अगर कोई जनप्रतिनिधि अपने इलाके का विकास नहीं करा पाता है तो राजनीति में बने रहने का कोई मतलब नहीं है। इसी वजह से मैंने यह कदम उठाया है।’
उन्होंने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की खुले दिल से तारीफ की। राय ने जोर देकर कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार में ही क्षेत्र का तेजी से विकास संभव है। उन्होंने सम्राट चौधरी के लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली और उनके सहयोग कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निदान हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को देश को आगे बढ़ाने वाला और सम्राट चौधरी को अपराध से कभी समझौता न करने वाला नेता बताया।
लालू प्रसाद को भेजा इस्तीफा, सोमवार को भाजपा में होंगे शामिल
अर्जुन राय ने जानकारी दी कि उन्होंने अपना इस्तीफा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को भेज दिया है। सोमवार को वह पटना में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विधिवत रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। संभावना है कि उनके साथ उनके कई समर्थक भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं, जिससे भाजपा की ताकत और बढ़ेगी।
अर्जुन राय औराई से विधायक रह चुके हैं और सीतामढ़ी से सांसद भी चुने गए थे। उन्होंने पहली बार जदयू के टिकट पर औराई से चुनाव जीता था और नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते उन्हें मंत्री पद भी मिला था। उन्होंने कहा कि राजद की वर्तमान कार्यप्रणाली और तौर-तरीके उन्हें सूट नहीं कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।
मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी की बिहार राजनीति पर असर
अर्जुन राय के इस इस्तीफे से मुजफ्फरपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि उनके भाजपा में शामिल होने से औराई और सीतामढ़ी जैसे इलाकों में भाजपा को बड़ी मजबूती मिलेगी। यह घटनाक्रम आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जिससे राजद के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।








