प्रभास रंजन दरभंगा:-बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर पंचायत के वार्ड नंबर-9 में सोमवार को 22 वर्षीय युवक मोनू सहनी ने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान जागेश्वर सहनी के पुत्र मोनू सहनी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि मोबाइल फोन को लेकर पुलिस की ओर से युवक पर दबाव बनाया गया था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। हालांकि, पुलिस ने परिजनों के आरोपों से अलग घटनाक्रम बताते हुए कहा कि टेक्निकल सेल की टीम मोबाइल के लोकेशन के आधार पर युवक के घर पहुंची थी और वहां से एक मोबाइल बरामद किया गया था।
मृतक के पिता जागेश्वर सहनी ने बताया कि उनके बेटे ने करीब दो हजार रुपये में एक मोबाइल फोन खरीदा था। मोबाइल का लोकेशन ट्रैक करते हुए पुलिस उनके घर पहुंची थी। पिता के अनुसार, पुलिस ने उनके बेटे से मोबाइल देने को कहा। मोनू ने वह मोबाइल पुलिस को दे दिया था।इसके बाद कथित तौर पर पुलिस की ओर से उससे और मोबाइल को लेकर पूछताछ की गई।
जागेश्वर सहनी का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे पर 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाया। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। परिजनों से जानकारी मिलने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा इस बात को लेकर परेशान था कि इतने रुपये उसके पिता कहां से देंगे। इसी मानसिक तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आज फिर पुलिस की टीम बाइक से उनके घर पहुंची थी। उनके अनुसार, एक बाइक पर दो लोग और दूसरी बाइक पर एक व्यक्ति था। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में अलग घटनाक्रम बताया है।
पुलिस के अनुसार मोबाइल लोकेशन से पहुंची थी टीम
पुलिस सूत्रों ने बताया कि टेक्निकल सेल की टीम जांच के दौरान एक मोबाइल फोन के लोकेशन को ट्रैक करते हुए बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर वार्ड नंबर-9 पहुंची थी। टीम के सदस्य रविवार को युवक के घर गए थे। वहां से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टेक्निकल सेल के अधिकारी ने मोनू से अन्य मोबाइल फोन के संबंध में पूछताछ की थी। यह घटना रविवार की थी।
इसके अगले दिन सोमवार दोपहर बाद मोनू ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद शाम में परिजनों ने टेक्निकल सेल की टीम को फोन कर बताया कि कई और मोबाइल फोन मिला है और उसे आकर ले जाने को कहा।
मोबाइल लेने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर हमला, सर्विस पिस्टल छीनी
सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि सूचना मिलने पर टेक्निकल सेल के एएसआई इंद्रदेव कुमार और सिपाही कुंदन कुमार मौके पर पहुंचे। वहां स्थानीय लोगों और परिजनों ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों से उनकी सर्विस पिस्टल भी छीन ली।
घटना की सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना,लहेरियासराय थाना,बेंता थाना,एपीएम थाना और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सदर एसडीपीओ भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने के बाद करीब एक घंटे तक लोगों के बीच फंसे दोनों पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला गया। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई है।
पुलिस ने दोनों कर्मियों की बाइक बरामद कर ली है। वहीं, छीनी गई सर्विस पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। घायल दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
मृत युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना के बाद बहादुरपुर थाना की पुलिस ने मृतक मोनू सहनी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। युवक ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या की और पुलिस की कार्रवाई तथा युवक की मौत के बीच क्या संबंध है, इसकी भी जांच की जा रही है।
सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने, सरकारी हथियार छीनने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
घटना के बाद खराजपुर में पुलिस बल की तैनाती की गई है। एक तरफ युवक की मौत को लेकर परिजनों में आक्रोश है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों पर हमले और सर्विस पिस्टल छीने जाने की घटना ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस दोनों घटनाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच रही है।







