Bihar Sugar Price: बिहार में चीनी की कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले छह दिनों के दौरान खुदरा बाजार में चीनी का भाव 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इस तेज उछाल के बाद राज्य सरकार ने कालाबाजारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने साफ कहा है कि 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक पाए जाने पर व्यापारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
महंगाई की वजह क्या है?
बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव रमेश चंद्र तलरेजा ने चीनी के दामों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पटना मंडी में चीनी की आपूर्ति उत्तर बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से होती है। उनके मुताबिक, गन्ने की कमजोर पैदावार, सूखे की आशंका और बाजार में फैलने वाली अफवाहें इस मूल्य वृद्धि के प्रमुख कारक हैं।
रमेश चंद्र तलरेजा ने कहा, ‘पटना मंडी में चीनी की आपूर्ति उत्तर बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से होती है। उनके अनुसार कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे गन्ने की कमजोर पैदावार, सूखे की आशंका और बाजार में फैली अफवाहें प्रमुख कारण हैं।’
पटना के किराना कारोबारियों ने चिंता जताई है कि अगर उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि चीनी के दाम में और इजाफा हो सकता है।
पटना में चीनी के खुदरा भाव (प्रति किलो रुपये में)
| तारीख | भाव (रुपये) |
|---|---|
| 14 अगस्त | 50 |
| 15 अगस्त | 52 |
| 16 अगस्त | 55 |
| 17 अगस्त | 58 |
| 18 अगस्त | 60 |
| 19 अगस्त | 65 |
| 20 अगस्त | 70 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि महज छह दिनों में चीनी के दाम में प्रति किलो 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी के लिए यह और महंगी हो गई है।
सरकार का कड़ा रुख: कालाबाजारी पर FIR
चीनी के बढ़ते दामों को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने कालाबाजारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार का कहना है कि राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने घोषणा की, ‘चीनी के व्यापारियों के पास 400 टन से अधिक का स्टॉक मिलने पर प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। इसकी जांच कराने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। केंद्र सरकार ने देश भर के चीनी व्यापारियों पर 1 अगस्त से 400 टन स्टॉक होल्डिंग सीमा लागू की है और यह 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।’
डीएम और चीनी मिलों को विशेष निर्देश
गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों (DM) के साथ-साथ सभी चीनी मिल संचालकों को पत्र भेजा है। इस पत्र में चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने और चीनी की बिक्री पर नियंत्रण के लिए टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि चीनी की बिक्री के बाद अधिकतम 7 दिन ही स्टॉक परिसर में रखा जा सकेगा। इन नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
सरकार की इस सख्ती से उम्मीद है कि Bihar Sugar Price में स्थिरता आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, खासकर आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए।







