Bihar Teachers Salary: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए वेतन भुगतान को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से इन सभी कर्मियों का वेतन एक नई व्यवस्था के तहत जारी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, डिजिटल और पारदर्शी बनाना है, जिससे समय पर सैलरी मिलने में आसानी होगी।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना के निदेशक धर्मेंद्र कुमार ने इस नई प्रणाली को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है। यह नया सिस्टम SNA SPASH (सिंगल नोडल एजेंसी – समयोचित प्रणाली एकीकृत शीघ्र हस्तांतरण) पर आधारित होगा। इसके तहत प्रत्येक शिक्षक और प्रधानाध्यापक के लिए एक अलग विशिष्ट पे-आईडी बनाई जाएगी, जो वेतन भुगतान का आधार बनेगी।
वेतन भुगतान के लिए बनेगी विशिष्ट पे-आईडी
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के वेतन भुगतान को डिजिटल माध्यम से सुव्यवस्थित करने की तैयारी की है। इस दिशा में पहला कदम पे-आईडी का निर्माण है, जिसके लिए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। अधिकारियों को साफ निर्देश है कि सभी संबंधित कर्मियों का डाटा निर्धारित प्रारूप में जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए।
डीपीओ मध्याह्न भोजन योजना सह समग्र शिक्षा अभियान, सीमा कुमारी ने जानकारी दी कि राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशानुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ समग्र शिक्षा अभियान समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को पे-क्रिएशन फार्म और आवश्यक दस्तावेज मुहैया कराने को कहा गया है। पे-क्रिएशन फार्म में शिक्षक और प्रधानाध्यापक को अपने बैंक खाते, आधार नंबर, पैन नंबर और पते से जुड़ी जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही बैंक पासबुक, आधार कार्ड और पैन कार्ड की स्वअभिप्रमाणित फोटोकॉपी भी जमा करनी होगी। संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर और मोहर भी इस प्रक्रिया के लिए अनिवार्य है।
CFMS 2.0 पोर्टल पर अपलोड होगा डाटा
नई वेतन भुगतान प्रणाली में किसी भी तकनीकी या दस्तावेजी समस्या से बचने के लिए विभाग पहले से ही सभी जरूरी जानकारियों को सिस्टम में दर्ज कर रहा है। डाटा अपलोड करने को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। CFMS 2.0 पोर्टल पर एक बार में अधिकतम 300 शिक्षकों का डाटा लाभुक के रूप में अपलोड किया जाएगा।
डाटा अपलोड होने के बाद उसकी गहन जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होगी। जांच और अनुमोदन के उपरांत उपलब्ध बजट के आधार पर शिक्षकों के वेतन का दावा तैयार किया जाएगा। इसके बाद, जब वर्चुअल आवंटन या आहरण सीमा उपलब्ध होगी, तब CFMS 2.0 और SNA SPASH के माध्यम से वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।
शिक्षकों के लिए सही जानकारी देना जरूरी
यह नई व्यवस्था समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत नियोजित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के वेतन भुगतान को SNA SPASH आधारित प्रणाली से जोड़ेगी। ऐसे में सभी शिक्षकों के लिए अपने बैंक खाते, आधार, पैन और अन्य दस्तावेजों की सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। ऐसा करने से पे-आईडी बनाने और भविष्य में वेतन भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सकेगा, जिससे समय पर सैलरी मिलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।







