Mamata Banerjee Injury: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी की 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई चोट को ‘नाटक’ करार दिया है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीआईडी जांच करवाने का एलान किया है। इस घोषणा के बाद से ही सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है।
राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने जानबूझकर चोट लगने का नाटक किया था और इससे नंदीग्राम की जनता का अपमान हुआ। सुवेंदु अधिकारी ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस की मेडिकल रिपोर्ट भी सार्वजनिक की। इस रिपोर्ट में फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का कोई सबूत नहीं मिला है, जैसा कि ममता बनर्जी ने दावा किया था।
नंदीग्राम की जनता का अपमान: CM सुवेंदु
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के आरोपों को ‘झूठा’ बताते हुए कहा कि उनके इस कृत्य से नंदीग्राम के लोग अपमानित महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 9 अक्टूबर के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर वे इस मामले से जुड़ी और भी कई जानकारियां सार्वजनिक करेंगे।
‘उनके झूठे आरोप से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ। नौ अक्टूबर के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर मैं इस बारे में और जानकारी सामने रखूंगा। मैं कल किए गए अपने दावों के समर्थन में आज यह बात कह रहा हूं।’
दरअसल, नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने वाला है। इस उपचुनाव से पहले ही यह मुद्दा फिर से गरमा गया है। एक दिन पहले ही बिरुलिया बाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना का जिक्र किया था और कहा था कि यह वही जगह है, जहां पांच साल पहले ममता बनर्जी घायल हुई थीं।
क्या था 2021 का पूरा मामला?
10 मार्च 2021 को पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी नंदीग्राम के बिरुलिया में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंची थीं। इसी दौरान भीड़ में अफरा-तफरी मच गई थी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि अज्ञात लोगों की भीड़ ने उनकी कार को धक्का दिया, जिससे कार का दरवाजा लगने से उनके बाएं पैर और कमर में गंभीर चोट आई।
इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने अस्पताल से एक वीडियो भी जारी किया था। उन्होंने वीडियो में बताया था कि उनके बाएं टखने और पैर की हड्डियों में गंभीर चोटें आई हैं। साथ ही, दाहिने कंधे, हाथ, गर्दन और कमर में भी दर्द की शिकायत की थी। 12 मार्च को जब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली, तो उनके बाएं पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ था। इसके बाद उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर ही अपना पूरा चुनाव अभियान संभाला था। अब इस पुरानी घटना पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नए आरोपों और CID जांच के आदेश से राज्य की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।







